जाटी रोड स्थित प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर पुलिस ने नकली स्टिकर बनाने का पर्दाफाश किया है। प्रेस में नामचीन कंपनियों की खेती में प्रयुक्त होने वाली दवाओं के नकली स्टिकर तैयार किए जा रहे थे। मौके पर 92300 नकली स्टिकर और उनको बनाने के उपकरण मिले हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
जींद जिले के अमरहेड़ी निवासी सुरेश ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि वह चेक आईडी सोल्यूशन कंपनी में रीजनल मैनेजर है। उसे जानकारी मिली थी कि जीटी रोड स्थित चौहान प्रिंटिंग प्रेस में कई नामचीन कंपनियों की प्रमुख पेस्टीसाइड व इंसेक्टीसाइड दवाओं के नकली स्टिकर-रैपर तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने टीम ने प्रेस पर छापा मारा। टीम को मौके पर करीब दस पेटी स्टिकर व रैपर मिले। इनमें 92,300 स्टिकर रखे हुए थे। पुलिस ने स्टिकर बनाने की डाई व अन्य उपकरण भी किए हैं। पुलिस ने चौहान प्रिंटिग प्रेस के संचालक व स्टिकर का ऑर्डर देने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मनीष व गौरव को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले में नकली दवा बनाने और जीएसटी चोरी के एंगल से भी जांच करेगी।