जिला बाल कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग के संयोजन में चलाये जा रहे ओपन शेल्टर होम (स्लम एरिया) के 25 विद्यार्थियों को जर्सी, स्कूल बैग, पाठ्य सामग्री इत्यादि का वितरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र के बच्चों ने स्वागत गीत से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर उपायुक्त की पत्नी एवं जिला बाल कल्याण विभाग की अध्यक्ष स्मिता रतन ने कहा कि शिक्षा से ही किसी भी वर्ग और क्षेत्र का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से बेहद कमजोर वर्गीय परिवारों के अंधियारे जीवन में उजाला भरने के लिए शिक्षा ही एकमात्र साधन है। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार हो और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए। इस दौरान उन्होंने बाल भवन का निरीक्षण भी किया और जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाल भवन में महिलाओं एवं लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर की शुरुआत की गई है, जिसका लाभ महिलाओं को अवश्य उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं स्व-रोजगार स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्वावलंबन की दिशा में यह बेहतरीन विकल्प है।
बाल भवन में शीघ्र ही एक ब्यूटी केयर सेंटर की शुरुआत भी की जाएगी, जिसके लिए दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। ब्यूटी केयर कोर्स करके भी महिलाएं एवं लड़कियां स्वावलंबी बन सकती हैं। इस अवसर पर अनीता कुमारी, अजय वासन, धर्मपाल तथा बाल भवन के सभी कर्मचारी मौजूद थे।
-अमरनाथ नरवाल, जिला बाल कल्याण अधिकारी।