फोटो 43: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए दवा लिखत नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुशील
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सोनीपत। दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई मगर हवा की गुणवत्ता अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में नेत्र और सांस के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सकों की ओर से जरूरी होने पर सुबह-शाम घरों से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। जिले में शुक्रवार को एक्यूआई 220 दर्ज किया गया था जो शनिवार को घटकर 214 पर आ गया।
यह गिरावट आंशिक राहत के रूप में देखी जा रही है मगर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हवा की खराब गुणवत्ता से सांस और दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। साथ ही नेत्र रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार प्रदूषण की वजह से सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश, आंखों में जलन और खांसी जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। बुजुर्गों और बच्चों को इससे सबसे अधिक दिक्कत हो रही है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने सुबह-शाम के समय बाहर टहलने से बचने, एन-95 मास्क पहनने और घर के अंदर हवा शुद्ध रखने की सलाह दी। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन से निकलने वाला धुआं और कूड़ा जलाने से होने वाला प्रदूषण इसके मुख्य कारण बने हुए हैं। प्रशासन ने भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप-2 लागू किया है।