फोटो नंबर-10शहर के एक मोहल्ले से कूड़ा उठान करते कर्मचारी। संवाद
नारनौल। नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर महीने लाखों रुपये खर्च करके घर-घर कूड़ा कलेक्शन करने का ठेका पंचकुला की एक निजी कंपनी को दिया है। निजी कंपनी का दावा है कि उसके पास कर्मचारी और संसाधन पर्याप्त हैं, लेकिन इसके बाद रोज कूड़ा नहीं उठता है।
नप द्वारा जिस कंपनी को ठेका दिया गया है उसका काम रोजाना सुबह घर-घर कूड़ा कलेक्शन करना व शहर के तीस प्वाइंट पर से कूड़ा उठान करना है। इसके अलावा शेष प्वाइंट से कूड़ा उठान का कार्य नगर परिषद के कर्मचारी करते हैं। पूरे शहर की अगर बात कि जाए करीब तीन सौ स्थान ऐसे मिल जाएंगे जहां लोग कूड़ा डालते हैं।
अब जिस कंपनी को ठेका दे रखा है वह तो केवल अपने तीस प्वाइंट से कूड़ा उठान करती है अन्य जगह नप के कर्मचारी ही कूड़ा उठाने के लिए जाते हैं। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कंपनी को जो घर-घर कूड़ा कलेक्शन का काम दे रखा है उसके कर्मचारी कई वार्डों में तो पहुंचते ही नहीं और जहां पहुंचते वहां कई जगह तो जरा सी देर ही ठहरते हैं और जब तक लोग घरों से कूड़ा लेकर बाहर निकलते है वह दूसरी गली में पहुंच जाता है।
ऐसी स्थिति में लोग अपने कूड़े को वहीं बाहर डाल देते है और दो-चार दिन में उस स्थान पर भारी मात्रा में कूड़ा एकत्रित हो जाता हैं। ऐसी शिकायत नगर परिषद सदन की बैठक में पार्षद भी कई बार उठा चुके हैं, लेकिन कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है।
इंसेट
गीले व सूखे कचरे को नहीं किया जाता अलग
शहर के मोहल्लों में घर-घर कूड़ा कलेक्शन के लिए आने वाली गाड़ी में गीला व सूखा कचरा सब एकसाथ ही डाला जाता है। कूड़ा लेने के लिए आना वाला कर्मचारी तो गाड़ी से उतरता ही नहीं और लोगों के पास जैसा भी कूड़ा होता है वे सीधा गाड़ी में डालते रहते हैं।
वर्जन-
कूड़ा उठान करने के लिए 60 कर्मचारी हैं। 32 टेंपों है। इसके अलावा पांच लिफ्टिंग मशीन सहित फावड़ी व कस्सी आदि सहित सभी संसाधन उपलब्ध हैं। प्लांट पर गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग भी किया जाता है। सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार से कमी नहीं छोड़ी जाती है।-
महेंद्र सिंह, ठेकेदार सोना एंटरप्राइजेज, पंचकुला।