2018 तक देश की राजधानी दिल्ली के चारों तरफ पैरीफेरल एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं 18 सितंबर को सोनीपत आकर बंद पड़े कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के साथ कुंडली-गाजियाबाद-पलवल इस्टर्न पैरीफेरल एक्सप्रेस-वे (केजीएफ) का शिलान्यास करेंगे।
शनिवार को यह जानकारी सांसद रमेश कौशिक ने दी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री दिल्ली के मुकरबा चौक से पानीपत तक राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर वन को छह लेन की जगह आठ लेन करने और साथ में दो सर्विस रोड बनाने की भी आधारशिला रखेंगे। तीनों प्रोजेक्ट पर कुल 10,166 करोड़ की लागत आएगी।
सांसद रमेश कौशिक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 सितंबर को सुबह 11 बजे सोनीपत पहुंचेंगे। यहां राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में एक जनसभा आयोजित की गई है। इसी जनसभा में सबसे पहले प्रधानमंत्री तीनों परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उसके बाद जनता को संबोधित करेंगे।
दिल्ली से पानीपत तक खर्च होंगे 2128 करोड़ रुपए
दिल्ली से पानीपत के जीटी रोड को आठ लेन करने और साथ में दो सर्विस रोड बनाने पर 2128.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस 70 किमी लंबे जीटी रोड पर अब कहीं पर भी कट नहीं होगा। इसके लिए मुख्य जगहों कुंडली, बीसवां मील सहित 28 फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। इनमें 17 छोटे ब्रिज और 11 मुख्य रोड जंक्शन बनाए जाएंगे। इन रोड जंक्शनों से मुख्य सड़कों को बगैर ट्रैफिक को बाधित किए मुख्य रोड से लिंक उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुरथल, गन्नौर और समालखा पुल का होगा विस्तार
जीटी रोड पर फिलहाल मुरथल, गन्नौर और समालखा में चार लेन के पुल बने हैं। जीटी रोड आठ लेन बनने से इनका विस्तार किया जाएगा।
135 किलोमीटर लंबे केएमपी पर खर्च होंगे 2330 करोड़
सात साल से बंद पड़ी परियोजना कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे का नया सिरे से निर्माण शुरू किया जाएगा। 135 किलोमीटर लंबे इस सड़क के निर्माण पर लगभग 2,330 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें कुंडली से मानेसर तक के 83.320 किलोमीटर हिस्से को बनाने में 1873 करोड़ और मानेसर से पलवल तक के हिस्से को बनाने में 457 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह हाईवे छह लेने का बनाया जाएगा।
केजीएफ होगा देश का सबसे तेज हाईवे, लगेंगे सेंसर प्वाइंट
सांसद रमेश कौशिक ने बताया कि कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे की आधारशिला भी प्रधानमंत्री मोदी इसी दिन रखेंगे। उन्होंने बताया कि 135 किलोमीटर का यह हाईवे देश का सबसे तेज हाईवे होगा। इस पर जगह-जगह सेंसर बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे चालक को पहले ही पता लग जाएगा कि हाईवे पर कहां जाम लगा है। परियोजना पर 5100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी।
कुंडली बनेगा हाइवे जंक्शन
यह तीनों सड़क परियोजनाएं सोनीपत को देश के नक्शे पर मजबूती के साथ पेश करेंगे और सोनीपत का कुंडली बड़ा हाईवे जंक्शन होगा। इससे कई प्रदेशों का ट्रैफिक बगैर दिल्ली में प्रवेश किए दूसरे राज्यों में आ-जा सकेगा। उन्होंने बताया कि तीनों परियोजनाएं अगले ढाई वर्षों में पूरी कर ली जाएंगी।
सांसद ने ली तीनों परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों की मीटिंग
सांसद रमेश कौशिक ने 18 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर एथनिक इंडिया में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एचएसएसआईडीसी और निर्माता कंपनियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद सांसद ने राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में जाकर कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया।
सांसद कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दिन सोनीपत से संबंधित कुछ और मांगें भी सौंपी जाएंगी। इस अवसर पर एनएचआई के सीजेएम कर्नल एमके जैन, जीएम प्रोजेक्ट विपिन शर्मा, टेक्निकल मैनेजर केएल सचदेवा, एचएसएसआईडीसी के एजीएम मुकेश गुप्ता और मानेसर एचएसएसआईडीसी के मैनेजर सुरेंद्र देशवाल भी मौजूद रहे।