दिल्ली के साथ सोनीपत-पानीपत-करनाल व यमुनानगर को एक साथ जोड़ने के लिए एचएसआरडीसी की ओर से प्रदेश सरकार के अहम प्रोजेक्ट पश्चिमी यमुना नहर के साथ एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की उम्मीद है।
बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक-करनाल-इंद्री-यमुनानगर परियोजना के पूरा होने से एनएच-एक पर भारी यातायात से राहत मिलेगी। एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर हो रहे सर्वे की रिपोर्ट को सरकार को मध्य अक्टूबर तक सौंपा जाएगा।
बता दें कि दिसंबर, 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जीटी रोड पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए एक नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा की थी। प्रोजेक्ट पश्चिमी यमुना नहर के साथ बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक-करनाल-इंद्री-यमुनानगर तक एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर तैयार किया गया था।
इस पर उन्होंने विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने की स्वीकृति दी थी। इसके लिए जिम्मेवारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। सरकार के अहम प्रोजेक्ट को लेकर सोनीपत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक तक सर्वे किया गया। बाद में सरकार की ओर से एक्सप्रेस वे के निर्माण की जिम्मेवारी हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएसआरडीसी) को सौंपी गई।
बवाना से मुनक तक पुलों व बाईपास का होगा निर्माण
नए एक्सप्रेस-वे पर 10 मीटर की तीन सर्विस लेन का निर्माण किया जाना है। सर्वे के मुताबिक, बनने वाले नए एक्सप्रेस-वे पर बवाना से मुनक तक छह पुलों का निर्माण किया जा सकता है।
इसके अंतर्गत पानीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-जींद रेलवे लाइन पर दो आरओबी का निर्माण, वहीं निर्माणाधीन कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे और पानीपत-रोहतक रोड पर अंडरब्रिज तथा निर्माणाधीन सोनीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-रिफाइनरी रेलवे लाइन पर दो आरयूबी बनाए जाएंगे। इसके अलावा जिले के गांव सिटावली, महलाना व बिंदरौली, गढीबाला के पास बाईपास निकाले जा सकते हैं।
होगा भूमि का अधिग्रहण
अधिकारियों का कहना है कि बवाना से मुनक तक नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। यह निर्माण पश्चिमी यमुना नहर के साथ-साथ होगा, ताकि नहरों के किनारे पक्के रह सकें। टूटने का भय न हो, हालांकि नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए नहरी विभाग की जमीन पर पेड़ों को काटा जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां किसानों की जमीन भी खरीदी जाने की संभावना है।
हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलेपमेंट कॉरर्पोरेशन की ओर से नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे की फिजिबिलिटी 10 अक्टूबर के बाद सरकार को निर्माण को लेकर रिपोर्ट देनी है। इसके बाद ही सरकार की ओर से एक्सप्रेस-वे को लेकर भू अधिग्रहण व निर्माण की हरी झंडी दिखाई जाएगी।
जगवीर सिंह काजला, डीजीएम, एचएसआरडीसी