कैराना में भ्रूण लिंग जांच करने वाले आरोपी अनिल के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिसकर्मी।
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सोनीपत। सोनीपत जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उत्तरप्रदेश शामली जिले के कैराना स्थित एक किराए के मकान के अंदर चल रहे भ्रूण लिंग जांच के गोरखधंधे का भंडोफोड़ किया है। यहां मोबाइल से चेक कर यू-ट्यूब पर वीडियो दिखाकर लड़का बता दिया जाता था। इस दौरान टीम को देखते ही आरोपी दंपति फरार हो गया। साथ ही भ्रूण लिंग जांच करने वाले आरोपी को मौके पर काबू कर लिया। कैराना थाना पुलिस ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श शर्मा को सूचना मिली थी कि पानीपत के उत्तमनगर में गर्भवती महिलाओं की भ्रूण लिंग जांच की जाती है। इसके बाद टीम का गठन किया गया, जिसमें डॉ. आदर्श शर्मा, डॉ. संदीप लठवाल, डॉ. सुभाष गहलावत, वीकेश मेहरा, रवि शामिल रहे। गिरोह को पकड़ने के लिए टीम ने एक डिकॉय (फंसाने के लिए) महिला का तैयार किया। इसके बाद डिकॉय महिला की पानीपत की उत्तमनगर निवासी दलाल राजरानी से मुलाकात कराई। इस दौरान भ्रूण जांच कराने के लिए दोनों के बीच 25 हजार में सौदा तय हुआ।
इसके बाद राजरानी अपने दामाद रवि के साथ टैक्सी किराए पर लेकर महिला को लेकर कैराना की तरफ चल पड़े। गांव सनौली में पहुंचने पर एक दंपती से मिलवाया। इसके बाद राजरानी और उसके दामाद रवि सनौली में रुक गए। वहां से सुनीता टैक्सी में सवार होकर महिला को लेकर कैराना पहुंची। टैक्सी के पीछे सुनीता का पति विजय बाइक से कैराना पहुंचा, जहां एक घर में पहुंचकर भ्रूण लिंग जांच कराई गई। इसी दौरान पीसीपीएनडीटी की टीम ने कैराना पुलिस और वहां के एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार से संपर्क किया, जब महिला भ्रूण लिंग जांच कराने के बाद बाहर आने लगी, तभी भ्रूण लिंग जांच करने वाले आरोपी पानीपत के गांव बापौली निवासी अनिल को काबू कर लिया और पुलिस को सौंप दिया। इसी दौरान दंपती सुनीता और विजय बाइक पर फरार हो गए। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।