सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग के लिए 31 दिसंबर तक वैक्सीन की पहली डोज लगाने के 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभाग को आठ दिन में 94 हजार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगानी होगी। हर घर दस्तक अभियान शुरू करने के बावजूद लक्ष्य अभी काफी दूर है। उधर, जिले से सटे दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस बढ़ने के बावजूद लोग वैक्सीन लगवाने के प्रति जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। रोजाना औसतन दो हजार लोग ही वैक्सीन लगवा रहे हैं। इसी दर से टीकाकरण किया गया तो लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को 31 दिसंबर तक वैक्सीन की पहली डोज 100 प्रतिशत लगाने का लक्ष्य दे रखा है, लेकिन जिले में लोग इसे लेकर सतर्कता नहीं बरत रहे हैं। कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन के केस लगातार बढ़ने के बावजूद लोग वैक्सीन लगवाने के लिए टीकाकरण केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे है। विभाग की ओर से अब तक जिले में 10 लाख 48 हजार 777 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई है, लेकिन मुख्यालय की ओर से विभाग को 11 लाख 42 लाख 885 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इस तरह विभाग के कर्मचारियों को आठ दिन में 94 हजार 108 लोगों को वैक्सीन लगानी होगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करना स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। विभाग की ओर से अब तक 6 लाख 20 हजार 19 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। संवाद
डीसी ने की वैक्सीन लगवाने की अपील
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों को लगाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सही तरीके से मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन करने के साथ सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को फैलने से रोकने के लिए सभी सतर्कता बरते।
वैक्सीन लगाए जाने का आंकड़ा
सीएचसी पहली डोज दूसरी डोज
बढख़ालसा 187799 107878
भैंसवाल कलां 66924 39827
फिरोजपुर बांगर 34098 15050
गन्नौर 154546 86473
गोहाना 85942 51355
जुआं 130980 86160
खरखौदा 56938 29729
मुंडलाना 59240 34812
सोनीपत शहरी 274748 170461
वर्जन
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाना बहुत जरूरी है। निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। ग्रामीण क्षेत्र में हर घर दस्तक अभियान चलाने के बाद भी लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे। लोगों को कोरोना की दूसरी लहर में आए संकट को देखते हुए ओमिक्रॉन से बचने के लिए वैक्सीन लगवानी चाहिए।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन