फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओलंपिक: म्हारी छोरियां छोरों से कम है के

विज्ञापन
विज्ञापन
अंकित चौहान
विज्ञापन

सोनीपत। जिस तरह से हर क्षेत्र में बेटियां लगातार आसमान छूने में लगी हैं, उससे लोगों की सोच भी खूब बदल रही है और उससे बेटे व बेटियों में फर्क नहीं समझा जाता है। प्रदेश की बेटियां अब खेलों में बेटों की केवल बराबरी नहीं कर रही हैं, बल्कि उनको पीछे छोड़ रही हैं। ओलंपिक में जहां प्रदेश के 13 बेटों ने जगह बनाई है, वहीं 16 बेटियों ने क्वालीफाई करके उनको पीछे छोड़ दिया है। ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार इन बेटियों पर हर कोई नाज कर रहा है।
टोक्यो ओलंपिक के लिए अभी तक प्रदेश के 29 खिलाड़ी टिकट पक्का कर चुके हैं। जहां हॉकी टीम का चयन होने से पहले तक 11 पुरुष खिलाड़ियों का ओलंपिक में खेलना तय था, वहीं केवल 7 महिला खिलाड़ियों को ओलंपिक का टिकट मिला था। लेकिन महिला हॉकी टीम की घोषणा होने के बाद बेटियों ने अपना दबदबा बना लिया है और प्रदेश की 16 बेटियों को ओलंपिक में जाने का टिकट मिल गया। जबकि उनके मुकाबले पुरुष खिलाड़ी पीछे रह गए और ओलंपिक के लिए 13 बेटे ही जगह बना सके।
विज्ञापन

ओलंपिक में लगातार दूसरी बार पांच बेटियां तो तीन बेटे खेलेंगे
प्रदेश के ऐसे आठ खिलाड़ी हैं जो लगातार दूसरी बार ओलंपिक में खेलेंगे। इनमें जहां पांच बेटियां शामिल हैं तो तीन बेटे भी ऐसे हैं, जिनको दूसरी बार ओलंपिक का टिकट मिला है। महिला खिलाड़ियों में हॉकी में रानी रामपाल, सविता पूनिया, मोनिका मलिक, नवजोत कौर, कुश्ती में विनेश फौगाट है। वहीं पुरुष खिलाड़ियों में बॉक्सिंग में विकास कृष्ण, हॉकी में सुरेंद्र कुमार, एथलेटिक्स में संदीप कुमार लगातार दूसरी बार ओलंपिक में जाएंगे।
ओलंपिक में जगह बनाने वाली महिला खिलाड़ी
कुश्ती में विनेश फौगाट, अंशु मलिक, सोनम मलिक, सीमा, शूटिंग में यशस्वनी, मनु भाकर, बॉक्सिंग में पूजा, हॉकी में रानी रामपाल, सविता पूनिया, मोनिका मलिक, नवजौत कौर, नवनीत कौर, नेहा गोयल, निशा, शर्मिला, उदिता
ओलंपिक में जगह बनाने वाले पुरुष खिलाड़ी
कुश्ती में बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, रवि दहिया, हॉकी में सुमित, सुरेंद्र कुमार, बॉक्सिंग में अमित पंघाल, विकास कृष्ण, मनीष, शूटिंग में अभिषेक, संजीव राजपूत, एथलेटिक्स में नीरज चौपड़ा, संदीप, राहुल
विज्ञापन

वर्जन
प्रदेश की बेटियां लगातार खेलों में आगे बढ़ रही हैं और अब उनके परिवार भी खूब सहयोग कर रहे हैं। इसलिए भी बेटियों का हौसला बढ़ता है। बेटियों को कभी खुद को किसी भी काम में कमजोर नहीं समझना चाहिए, बल्कि हिम्मत के साथ आगे बढ़ना चाहिए। भविष्य में इससे भी ज्यादा बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
- प्रीतम सिवाच, अर्जुन अवार्डी व पूर्व कप्तान भारतीय महिला हॉकी टीम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें