सोनीपत। ऑक्सीजन के लिए चल रही मारामारी के बीच अच्छी खबर है। सोनीपत प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां अस्पताल में अपने प्लांट से ऑक्सीजन मिलेगी। यहां के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग गया है और उसका 24 घंटे के लिए ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है।
ट्रायल में ऑक्सीजन की गुणवत्ता भी बेहतर हो गई है और अब उस प्लांट को शुक्रवार से नियमित चलाने की तैयारी है। जिससे प्रतिदिन ऑक्सीजन के 45 सिलिंडर भरे जा सकेंगे। जहां एक प्रोफेसर ने यह प्लांट लगाने के लिए तीन दिन तक लगातार कार्य किया है। वहीं पीएमओ ने दावा किया है कि प्रदेश में सोनीपत ऐसा पहला जिला होगा, जहां अस्पताल में अपने प्लांट से ऑक्सीजन सिलिंडर भरे जाएंगे। कोरोना संक्रमण पिछले साल जब बढ़ना शुरू हुआ तो मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसे में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हो, उसके लिए प्रदेश के अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए करोड़ों रुपये के उपकरण मंगवाए गए थे। लेकिन कोरोना संक्रमण कम होने के बाद प्लांट लगाने पर ध्यान नहीं दिया और पिछले एक साल से उपकरण अस्पतालों में रखे हुए थे। सोनीपत के नागरिक अस्पताल में मशीनों को रखा हुआ देखकर गेटवे इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह ने ऑक्सीजन प्लांट लगाकर शुरू करने का बीड़ा उठाया। उसके लिए प्रोफेसर ने अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च करके सामान खरीदा तो वह तीन दिन से उसे लगाने के लिए लगातार कार्य कर रहे थे। जिसमें बड़ी कामयाबी मिली है और ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल शुरू हो गया है। प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह ने बताया कि यह 200 लीटर एलपीएम का प्लांट है और इसको शुक्रवार से नियमित चलाकर ऑक्सीजन के 45 सिलिंडर भरे जा सकेंगे। इस तरह 45 सिलिंडर ऑक्सीजन की समस्या खत्म हो जाएगी।
वर्जन
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा चुका है और उसका ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में सोनीपत ऐसा जिला है, जहां सबसे पहले ऑक्सीजन प्लांट लगाकर शुरू किया गया है। अब अपने प्लांट से ऑक्सीजन के सिलिंडर भरे जा सकेंगे और इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है। ऑक्सीजन की गुणवत्ता भी ट्रायल में काफी बेहतर हो गई है और किसी तरह की समस्या नहीं दिख रही है।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ नागरिक अस्पताल