सोनीपत। ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुए बवाल के बाद से करीब 24 किसान अभी तक लापता है। संयुक्त किसान मोर्चा ने उन गायब किसानों की सूची बनाई है और उनके बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं उन लापता किसानों की तलाश में परिजन उसी समय से भटक रहे है और वह कभी पुलिस के पास जाते है तो कभी अफसरों के पास जाकर अपनों को तलाश करने की गुहार लगाते है। उसके बावजूद उनका कुछ पता नहीं लग रहा है। उन लापता किसानों में कई ऐसे है, जिनके सहारे परिवार चल रहा है और वह अपने परिवारों के इकलौता सहारा है।
ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल के बाद सैकड़ों किसानों के गायब होने की बात कही गई थी और उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की गई। जिनमें से 115 किसानों की सूची दिल्ली सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को सौंपी थी। लेकिन हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व यूपी के कई किसान है, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं लगा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने उन किसानों की सूची तैयार कराई है, जिससे उनको तलाश किया जा सके। क्योंकि उनकी तलाश पिछले कई दिनों से परिवार वाले भी कर रहे है। ऐसे 24 किसानों में 17 पंजाब के रहने वाले है तो 5 किसान हरियाणा के रहने वाले है और राजस्थान व दिल्ली के एक-एक किसान है। हरियाणा के किसानों में एक सोनीपत, 3 जींद व 1 हिसार का रहने वाला है। पंजाब के कई किसानों के परिजनों को यह जरूर बताया गया कि वह जेल में बंद है, लेकिन दिल्ली पुलिस की सूची में उनका नाम नहीं होने से परिजनों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। अब वह अपनों का पता लगाने में इधर-उधर धक्के खाने को मजबूर है।
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विजेंद्र की तलाश में पुलिस के पास चक्कर काट रहा परिवार
जींद जिले के कंडेला गांव के रहने वाले 30 वर्षीय विजेंद्र के भाई सुरेंद्र ने बताया कि विजेंद्र 24 जनवरी को अन्य किसानों के साथ आंदोलन में शामिल होने के लिए गया था। यह बताया गया कि उनका काफिला टिकरी बार्डर पर पहुंचा था। इसके बाद उसे 26 जनवरी को नांगलोई के क्षेत्र में देखा गया, लेकिन उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं है। विजेंद्र के बारे में पता लगाने के लिए वह पुलिस के पास भी गए तो प्रशासनिक अधिकारियों तक से गुहार लगा चुके है। उसके बावजूद विजेंद्र का कुछ पता नहीं लग रहा है। विजेंद्र की तलाश करने के साथ ही परिवार के लोगों की आंखों से आंसू नहीं सूख रहे है। सुरेंद्र का कहना है कि विजेंद्र खेती करता है और उनके परिवार में खेती से ही गुजारा चलता है। विजेंद्र के गायब होने के बाद से पूरा परिवार परेशान है।
परिवार का मुखिया ही लापता, बच्चे तलाश में जुटे
जींद के गांव मांडी खुर्द से 43 वर्षीय राजवीर यह कहकर गया था कि वह किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहा है। राजवीर के परिवार में 3 बेटी व एक बेटा के अलावा उनकी पत्नी हैं। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही हैं कि आखिर राजवीर कहां चला गया। उन्होंने अलेवा थाना के अलावा किसानों के चल रहे धरनों पर भी पता किया, लेकिन उनके बारे में कुछ पता नहीं चल रहा। जिन किसानों के साथ वह गया था, उन्हें भी राजवीर के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। पूरे परिवार का पालन पोषण राजवीर करते है। वह परिवार ही राजवीर की तलाश में धक्के खा रहा है।
पंजाब के तलवंडी से तीन घरों के इकलौते चिराग लापता
पंजाब के तरनतारन के तलवंडी से 4 युवक गायब हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि यह चारों काफी अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते है। सरपंच राज सिंह ने बताया कि चारों युवकों में 3 अपने घरों के इकलौते चिराग हैं और खास बात यह है कि उनकी कई पीढिय़ों में कभी किसी ने कुछ नहीं किया। इनके अलावा पंजाब के कई किसानों के बारे में बताया गया है कि वह जेल में बंद है, लेकिन सरकार की सूची में उनका नाम नहीं होने से परिजनों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है।
संयुक्त किसान मोर्चा की जारी सूची में यह किसान लापता
-विजेंद्र, कंडेला जींद हरियाणा
-राजवीर, मांडी खुर्द जींद हरियाणा
-महासिंह, मोथ हिसार हरियाणा
-मनजीत सिंह, नूरनखेड़ सोनीपत हरियाणा
-रामफल पुत्र महासिंह, करमाला, जींद, हरियाणा
-निशान, धोक गुरदासपुर पंजाब
-भूपेंद्र, महमा चक डेरा बाबा नानक पंजाब
-जोरावर, खन्ना लुधियाना
-हरप्रीत सिंह, संगरूर पंजाब
-जसबीर सिंह, खेड़ा सुल्तान डेरा बाबा नानक पंजाब
-सुखविंदर सिंह, पपराली मोहाली पंजाब
-गुरदीप सिंह, फिरोजपुर पंजाब
-बूटा सिंह, सोबा सिंह वाला तलवंडी तरनतारन पंजाब
-जुगवीर सिंह, तलवंडी तरनतारन पंजाब
-गुरजंत, तलवंडी तरनतारन पंजाब
-गुरजोत, तवंडी तरनतारन पंजाब
-जसविंदर सिंह, मानसा पंजाब
-तबेब, पटियाला, पंजाब
-पैथर, पटियाला, पंजाब
-किरनकिरत सिंह, मोहाली, पंजाब
-श्योकत खान, अलवर, राजस्थान
-परमजीत सिंह, जालंधर, पंजाब
-हरमन सिंह, रोपड़, पंजाब
-धर्मेंद्र सिंह, अर्जुन नगर, दिल्ली