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देश में सबसे अलग ऑनलाइन परीक्षा कराएगी मुरथल यूनिवर्सिटी, भारत के हर कोने से लेकर फ्रांस व ऑस्ट्रेलिया तक जाएगी उत्तर पुस्तिका

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सोनीपत। नकल पर रोक लगाने के लिए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ने नया तरीका ईजाद किया है। इसके तहत ऑनलाइन परीक्षा के लिए हर विद्यार्थी के घर उत्तर पुस्तिका भेजी जाएगी। जिसपर सील लगी होगी तो कोड भी लिखा होगा। उस सील को परीक्षा के दिन वेब कैमरे के सामने खोला जाएगा।
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यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन परीक्षा के लिए भारत के हर कोने से लेकर नेपाल, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया तक उत्तर पुस्तिका जाएगी। उन उत्तर पुस्तिकाओं पर यूनिवर्सिटी का विषयवार कोड डाला जाएगा तो उन पर सील भी लगी होगी। वह सील परीक्षा के दिन कोड के अनुसार वेब कैमरे के सामने खोलनी होगी और उस उत्तर पुस्तिका में लिखने के बाद दूसरी सील लगाई जाएगी। इस तरह से वेब कैमरा बंद नहीं होगा और ऑनलाइन परीक्षा को पूरी तरह से नकल विहीन कराया जा सकेगा। किसी ने सील को पहले खोल दिया तो परीक्षा वाले दिन वेब कैमरे के सामने सील खुली देखकर ऐसे विद्यार्थी की यूएमसी बनाई जाएगी।
सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के बिना ही पास करने के निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन यूजीसी ने अंतिम वर्ष व सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षा कराने के लिए कहा और उसमें यह छूट कर दी गई कि यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा करा सकती है। इसके बाद विद्यार्थियों ने ऑफलाइन व ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए आवेदन कर दिया तो ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा में नकल को रोकना यूनिवर्सिटी के लिए बड़ी चुनौती थी। क्योंकि यूनिवर्सिटी ने वेब कैमरे के सामने परीक्षा लेने की योजना जरूर बनाई, लेकिन जब लिखे गए कागज को मोबाइल से स्कैन किया जाता है तो वेब कैमरा बंद हो जाता है। उस समय ऐसा हो सकता था कि कोई भी विद्यार्थी अपने पास में किसी अन्य को बैठाकर दूसरे कागज पर उत्तर लिखवाता रहता और वेब कैमरा बंद होने पर उस कागज को स्कैन करके भेज सकता था। इसलिए ही मुरथल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के लिए अन्य योजना बनाई जो देश में सबसे अलग होगी।
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उत्तर पुस्तिका पर सील लगने के साथ ही कोड लिखा होगा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. एमएस धनखड़ ने बताया कि जितने भी विद्यार्थी हैं, उनके घरों तक उत्तर पुस्तिका भेजी जाएगी। उस उत्तर पुस्तिका पर विषय के अनुसार कोड होगा तो उसपर खोलने से पहले अलग सील लगी होगी और उसमें लिखने के बाद दूसरी सील लगानी होगी। उत्तर पुस्तिका को विषय के अनुसार वेब कैमरे के सामने सील खोलनी होगी और वेब कैमरे के सामने ही पेपर करना होगा। पेपर पूरा होने पर दूसरी सील लगाकर कॉपी को लिफाफे में रखना होगा। सोनीपत में सभी कॉलेजों को सेंटर बनाया जाएगा, जहां कॉपी यूनिवर्सिटी से पहुंचाई जाएगी और वहां से कालेज का स्टाफ हर विद्यार्थी के घर तक कॉपी पहुंचाने के साथ ही लेकर आएगा। प्रदेश के अन्य जिलों में एक कॉलेज को ऐसे ही केंद्र बना दिया जाएगा। जबकि अन्य प्रदेशों के साथ ही नेपाल, फ्रांस व ऑस्ट्रेलिया में उत्तर पुस्तिका को कोरियर से भेजा जाएगा। कोरियर से पहले ही उत्तर पुस्तिका भेज दी जाएगी और इसके लिए कोरियर सर्विस से बात हो चुकी है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत परीक्षा कराने पर कालेजों के साथ मीटिंग करके अंतिम मुहर लग गई है।
यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन परीक्षा में नकल नहीं हो सके, उसके लिए हर विद्यार्थी के घर उत्तर पुस्तिका भेजी जाएगी। जिसपर सील लगी होगी तो कोड भी लिखा होगा। उस सील को वेब कैमरे के सामने खोला जाएगा और किसी की कॉपी की सील पहले खुली मिलने के साथ ही उसपर लिखा मिलता है तो उसकी यूएमसी बनाई जाएगी। इस तरह से देश में सबसे अलग तरीके से ऑनलाइन परीक्षा होगी।
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- डॉ. एमएस धनखड़, परीक्षा नियंत्रक मुरथल यूनिवर्सिटी
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