फोटो :35: सोनीपत में राई के पास सुबह के समय वातावरण में छाई प्रदूषण की परत। संवाद
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सोनीपत। जिले में हवा का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। ग्रैप-3 लागू होने के बावजूद बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक लाल रंग में दर्ज किया गया। एक्यूआई 332 रहने से सोनीपत की हवा बेहद खराब स्तर में बनी हुई है। लगातार दसवें दिन बेहद खराब श्रेणी की हवा ने लोगों की सेहत पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।
प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासनिक टीमें प्रयासरत तो हैं, लेकिन कूड़े को जलने से रोकने में लगातार विफलता चिंता बढ़ा रही है। कई जगहों पर अब भी सूखा कचरा, प्लास्टिक और कृषि अवशेष जलाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे धुआं हवा में घुलकर स्थिति को गंभीर बनाता है।
स्वास्थ्य पर बढ़ रहा खतरा
प्रदूषण स्तर बढ़ने से आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और सिरदर्द जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के डॉ. जेएस पुनिया ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा से पीड़ित लोगों को बाहर कम निकलने व मास्क पहनने की सलाह दी है।