सोनीपत। ग्रैप-4 लागू होने के बाद बावजूद पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बाद भी कूड़े का निस्ताकरण जलाकर किया जा रहा है। एक तरफ तो प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्य तक बंद है वहीं दूसरी तरफ कूड़ा सरेआम जलाया जा रहा है।
दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत जिले में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी ने कूड़ा जलाने पर रोक लगा रखी है। साथ ही निर्माण कार्यों को रोक रखा है। बड़ी क्षमता के जेनरेटर चलाने पर भी आगामी आदेशों तक प्रतिबंध लगा रखा है। उसके बावजूद शुक्रवार को रोहतक रोड स्थित बिजली घर के पास कूड़े में आग लगी थी। इससे आसपास का वातावरण काफी प्रदूषित था।
प्रदूषण मापक यंत्र दिनभर रहा खराब
सोनीपत में प्रदूषण का स्तर मापने के लिए मुरथल में मॉनिटरिंग सिस्टम (यंत्र) लगाया गया है। यंत्र शुक्रवार को भी दिनभर खराब रहा। एक अन्य साइट पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 404 दर्ज किया गया है।
तापमान में हुई बढ़ोतरी
मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। एक दिन पहले आई गिरावट के बाद अधिकतम तापमान में डेढ़ डिग्री व न्यूनतम में तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 22.2 और न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 20.7 और न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन में धूप खिलने से लोगों को ठंड से आंशिक राहत मिली। दिन भर पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही।