फोटो 13- सोनीपत के गन्नौर के गांव पबनेरा में यमुना के पानी से खेतों में हो रहा कटाव। स्रोत पाठक
गन्नौर। यमुना का जलस्तर उतरने के बाद भी गांव पबनेरा के हालात सुधर नहीं रहे हैं। यमुना का पानी जहां खेतों से धीरे-धीरे निकल गया है, लेकिन भूमि कटाव लगातार जारी है। कटाव के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन यमुना में समा रही है। साथ ही सब्जियों की फसलें खराब हो रही है, धान की फसल भी बर्बादी के कगार पर है।
ग्रामीण ओमप्रकाश, राजकुमार, नवीन, सूबे सिंह ने बताया कि पांच दिन पहले यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद अब खेतों से भले ही पानी उतर चुका है, लेकिन धान की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। जिन खेतों में धान पर बालियां आ चुकी थीं, वहां सफेद परत जम गई है, इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा सब्जियों की स्थिति और भी खराब है।
लगातार भरे पानी ने टमाटर, भिंडी, हरी मिर्च जैसी फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। किसान अब केवल खराब हुई फसलों के अवशेषों को देखकर मायूस हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने किसानों को नुकसान को देखते हुए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यमुना बांध के अंदर खराब हुई फसलों की मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
किसानों को यदि मुआवजा न मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की, कि प्रशासन की ओर से जल्द विशेष गिरदावरी करवाकर उनके नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।