संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आपसी सहयोग से लघु सचिवालय में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, निगम आयुक्त हर्षित कुमार, सीजेएम प्रचेता सिंह व डीएफओ रेनू बाला ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और जिलेवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, भूजल स्तर में गिरावट और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए पौधारोपण और जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों का कार्य नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों का अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएं।
पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है और इसका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने कहा कि स्वच्छ एवं हरित वातावरण नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और जीवन स्तर के लिए आवश्यक है। नगर निगम की ओर से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, पार्कों के विकास, स्वच्छता अभियान व पौधरोपण कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी को लगातार स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
डीएफओ रेनू बाला ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है। जिलेभर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है। अंत में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का संकल्प लिया।