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Sonipat News: यूपीआई पर शुल्क को लेकर उद्यमी चिंतित, बोले- बढ़ेगा आम आदमी पर बोझ

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उद्यमी अजय जैन।
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सोनीपत। यूपीआई भुगतान पर 15 अक्तूबर से प्रस्तावित शुल्क को लेकर उद्यमियों ने चिंता जताई है। कुंडली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उद्यमियों का कहना है कि नई व्यवस्था का असर आम आदमी के साथ कारोबारियों और उद्यमियों पर भी पड़ेगा। उनका कहना है कि छोटी कंपनियों और कर्मचारियों से जुड़े भुगतान समेत रोजमर्रा के कई लेनदेन में यूपीआई का इस्तेमाल होता है। ऐसे में शुल्क लगने से भुगतान की लागत बढ़ सकती है।
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उद्यमियों ने प्रस्तावित यूपीआई भुगतान चिंता जताई है। उद्यमियों ने ऑनलाइन भुगतान के विदेशी एप पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे देश का धन विदेश नहीं जाएगा। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उद्यमियों ने सरकार को अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय लोगों को राहत देने के उपाय करने चाहिए। सरकार अन्य कर माफ कर इसे ही बढ़ा कर लगा दे तो काफी राजस्व मिल जाएगा। लोगों को भी राहत मिलेगी।
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यूपीआई के भुगतान पर शुल्क जनता पर नया कर होगा। सरकार ने पहले ही अनेक तरह के कर लगाया है। इस नई व्यवस्था का भी उपभोक्ता पर ही भार पड़ेगा।
सुभाष गुप्ता, अध्यक्ष, कुंडली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन।
ऑनलाइन खरीदारी व भुगतान अब नई व्यवस्था बन गए हैं। ऐसे में यूपीआई से किए जाने वाले भुगतान पर शुल्क लगाना गलत है। यह जनता खासकर आम आदमी पर अतिरिक्त भार है। व्यापारियों व कारोबारियों के साथ उद्यमियों पर भी इसका असर पड़ेगा।
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प्रवीण कुमार जैन, उद्यमी।
ऑनलाइन भुगतान से कैश का इस्तेमाल कम हुआ है। लोगों ने यूपीआई को अपनाया है। इससे हर वर्ग जुड़ा है। ऐसे में सरकार का इस पर कर लगाना लोगों को कैश की तरफ धकेलने सरीखा साबित होगा। छोटे-छोटे काम के लिए नकद रुपये से भुगतान करना होगा।
नरेश मित्तल, उद्यमी।

तकनीक के इस दौर में ऑनलाइन भुगतान अच्छा कदम है। इससे मुद्रा पर निर्भरता घटती है। जनता भी यूपीआई व अन्य तरीकों से भुगतान करने लगी है। सरकार को इसे बढ़ावा देना चाहिए। यूपीआई पर कर लगाना गलत है। इसका सीधा असर आम आदमी पर ही पड़ेगा।
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अजय जैन, उद्यमी।

उद्यमी अजय जैन।

उद्यमी अजय जैन।

उद्यमी अजय जैन।

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