सोनीपत। जीवीएम कन्या महाविद्यालय में सोमवार को विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय आवासीय शिविर का पौधरोपण कर शुभारंभ किया गया। यूथ फोर माई भारत-यूथ फोर डिजिटल लिटरेसी थीम पर आयोजित शिविर के शुभारंभ पर संस्था के प्रधान डाॅ. ओपी परूथी व प्राचार्य डाॅ. मंजुला स्पाह ने स्वयंसेवकों का शिविर में पहुंचने पर स्वागत किया।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के अंतर्गत जीवीएम में आयोजित शिविर का शुभारंभ विवि की एनएसएस की कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. सविता राठी ने बतौर मुख्यातिथि दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य संयोजक एवं जीवीएम की एनएसएस इकाई की कार्यक्रम अधिकारी रुचिका विरमानी ने उनका परिचय करवाते हुए थीम के साथ सातों दिन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि शिविर में 23 कालेजों के करीब 200 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य थीम के साथ सेवा में शक्ति थीम पर पहले दिन का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. सविता राठी ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एनएसएस हमें राष्ट्र सेवा का संदेश देती है। प्राचार्य डाॅ. मंजुला स्पाह ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों को आसमान छूने के अवसर मिलते हैं। पहले दिन के दूसरे सत्र में बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें निदेशालय की प्रतिनिधि के रूप में बीपीएस महिला विवि खानपुर कलां की सहायक प्रोफेसर डाॅ. अनुप्रिया ने नशाखोरी पर प्रहार किए। उन्होंने युवाओं को तनाव मुक्ति के टिप्स देते हुए हर प्रकार के नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रात:कालीन सत्र में प्रतिभागियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। दिल्ली विवि के सहायक प्रोफेसर सतीश पाराशर को योगाभ्यास के लिए आमंत्रित किया गया।
जीवीएम की स्वयंसेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता की अलख जगाई। वहीं मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी। इस दौरान प्राध्यापिका डाॅ. मनीता, मीना कालरा, रश्मि व विभिन्न कालेजों की एनएसएस इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारी मौजूद रहे।