सोनीपत। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद के तहत मजदूर व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। विभिन्न संगठन, कर्मचारी यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर, बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होकर शहर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। जिले में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नेतृत्व वन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भगत सिंह व सचिव आनंद शर्मा ने किया। वन कर्मचारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा, ट्रेड यूनियन, कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करते हुए रोष प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों, कर्मचारी व मजदूर यूनियनों के सदस्य शुक्रवार सुबह पंचायत भवन में एकत्रित हुए। यहां से सभी जुलूस के रूप में गीता भवन चौक, छोटूराम चौक, शनि मंदिर, दयाल चौक, गीता भवन चौक होते हुए देवीलाल चौक पहुंचे जहां नारेबाजी की। जुलूस के दौरान मजदूरों व कर्मचारियों ने सरकार की मजदूर-कर्मचारी व किसान विरोधी नीतियों का कड़ा विरोध किया। जुलूस मेें बड़ी संख्या में कर्मचारियों व मजदूरों के शामिल होने से मार्ग पर जाम की स्थिति बनती रही।
देवीलाल चौक बस अड्डा पहुंचने के बाद जुलूस सभा में बदल गया। यहां एआईकेएस के उप प्रधान श्रद्धानंद सोलंकी, एआईयूटीयूसी के राज्य सचिव कामरेड हरिप्रकाश, सीटू के आनंद शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के शीलक राम मलिक, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के ईश्वर सिंह दहिया, किसान मजदूर पंचायत के भगत सिंह, एटक के राजीव वर्मा व बलवान सिंह ने संबोधित किया।
सफाई व्यवस्था रही प्रभावित
ग्रामीण भारत बंद का असर सरकारी विभागों पर भी देखने को मिला। नगर निगम कार्यालय के 229 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिससे शहर की कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। वहीं 382 बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते बिजली लाइनों पर मरम्मत कार्य नहीं हो सके।
बिजली कर्मचारियों ने की नारेबाजी
खरखौदा। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल बिजली निगम के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल की अध्यक्षता एचपीसी वर्कर यूनियन के खंड प्रधान प्रतीक पारासर व संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन के प्रधान उमेद सिंह ने की। प्रतीक ने कहा कि सरकार निरंतर कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। मांगों को नहीं माना तो चुनाव में कर्मचारी वर्ग सरकार के खिलाफ जाएगा। इस दौरान सतपाल, अनिल, अरुण, इकबाल, अरुण कुमार, बलराम, कुलदीप, राजेश, धर्मवीर व अजीत मौजूद रहे। गोहाना : भारत बंद के आह्वान पर बिजली कर्मियों, आंगनबाड़ी वर्करों, आशा वर्करों, पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी, नगर परिषद समेत विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने भारत बंद का समर्थन किया और सुबह से शाम तक धरना दिया। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ अनदेखी कर रही है।
यह हैं मांगे
-न्यूनतम वेतन 28 हजार रुपये महीना लागू किया जाए
-चार लेबर कोड रद्द किए जाएं और श्रम कानून लागू किया जाए
-महंगाई पर रोक लगई जाए
-किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए
-किसानों से किए वायदे पूरे किए जाएं, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए
-खाली पदों को स्थायी भर्ती कर भरा जाए
-स्कीम वर्कर्स को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
-सरकार पब्लिक प्रॉपर्टी को बेचना व निजीकरण करना बंद करें