संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। तिहाड़ कलां के सरपंच पर गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर बुधवार को बिजली निगम के कर्मचारियों ने भठगांव बिजलीघर में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि सरपंच पवन पर 26 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया था। नोटिस देने के बाद भी उसने बिल नहीं भरा तो कनेक्शन काट दिया। इस पर सरपंच ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी।
हरीश राणा, रमेश कुमार ने बताया कि बिजली निगम की ओर से डिफाल्टरों पर शिकंजा कसा जा रहा है। अभियान के तहत बिजली निगम की टीम ने मंगलवार को बिजलीघर से तिहाड़ कलां व तिहाड़ खुर्द में 10 से ज्यादा डिफाल्टरों के बिजली कनेक्शन काट दिए थे। उनमें तिहाड़ कलां केे सरपंच का भी शामिल था।
आरोप है कि कनेक्शन काटने के बाद सरपंच ने कर्मचारियों को गोली मारने की धमकी दी और गांव में दोबारा न आने की चेतावनी दी। धमकी मिलने के बाद बिजली कर्मियों ने गांव भठगांव स्थित बिजलीघर में धरना दिया।
मामले से पुलिस व उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक बिजली कर्मियों को सुरक्षा नहीं मिल जाती व तब तक वह कनेक्शन नहीं काटेंगे।
सरपंच का धौंस देने और मंत्री विज का नाम लेने का ऑडियो वायरल
सरपंच का एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह पहले तो बिजली कर्मचारियों को गोली मारने की बात कहने के बाद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुने जा सकते हैं। इसके अलावा वह मंंत्री अनिल विज के पीए का नाम लेकर धौंस देेते हुए सुने जा रहे हैं मगर अमर उजाला इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
कनेक्शन काटने से पहले नहीं दिया कोई नोटिस : सरपंच
सरपंच पवन का कहना है कि उनका एक माह का बिजली बिल बकाया है। उनकी मां बीमार हैं जिसकी वजह से वह 15 दिन से अस्पताल में हैं। बिजली बिल जमा कराने के लिए बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता व अन्य अधिकारियों से समय मांगा गया था। बिजली कनेक्शन काटने से पहले बिजली निगम की ओर से उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा गया है। उसके बाद भी बिजली निगम की टीम ने उनके घर में घुसकर बिजली कनेक्शन काटा दिया। कनेक्शन न काटने के लिए उनकी पत्नी व 13 वर्षीय बेटी कर्मियों के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही लेकिन कर्मचारियों ने अपनी हठधर्मिता अपनाते हुए उनकी एक न सुनी और कनेक्शन काट दिया। बिजली कर्मियों की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह ग्रामीणों के साथ रोहतक जाकर विजिलेंस को शिकायत देकर मामले की जांच कराएंगे।