टीकाराम एजूकेशन सोसायटी के प्रशासन एवं एडीसी ने सोसायटी की नवनिर्वाचित गवर्निंग बॉडी के काम करने पर रोक लगा दी है। एडीसी की ओर से इस मामले में संबंधित सभी शिक्षण संस्थाओं को पत्र भेजकर जानकारी भी दी है। बताया जा रहा है कि गवर्निंग बॉडी पर रोक का कारण यूनिवर्सिटी, रजिस्ट्रार और उच्चतर शिक्षा विभाग से अनुमोदन न मिलने के कारण लगाई गई।
टीकाराम एजूकेशन सोसायटी के प्रशासक एवं अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने गुरुवार को पत्र जारी करते हुए ये निर्देश दिए। पत्र में बताया गया कि गवर्निंग बॉडी को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक, फर्म एंड सोसायटी के रजिस्ट्रार और उच्चतर शिक्षा विभाग से अनुमोदन नहीं मिल पाया है। इसीलिए गवर्निंग बॉडी पर रोक लगाई जाती है।
प्रशासक ने सोसायटी द्वारा संचालित सातों शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों को पत्र लिखकर नियुक्ति व दूसरे कामों में गवर्निंग बॉडी के हस्तक्षेप पर रोक लगा दी है। प्रशासक द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एडवोकेट अजय सिंह गहलावत ने ज्ञापन सौंपकर गवर्निंग बॉडी के काम करने पर आपत्ति जताई है।
इसे हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड सोसायटी एक्ट- 2012 की अवहेलना बताया है। इसलिए बाडी की वित्तीय कार्यों में हस्तक्षेप पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि 23 सितंबर को ही 105 में से 104 कोलेजियम ने मतदान कर प्रधान, उपप्रधान, कोषाध्यक्ष और सचिव पद के लिए चुनाव किया था।