जिले में डेंगू प्रभावित पॉजिटिव मरीजों की संख्या 24 से बढ़कर 37 तक पहुंच गई है। इनमें सोनीपत लैब से 27 जबकि 10 केस पीजीआई रोहतक से कंफर्म हुए हैं। जबकि मलेरिया के केसों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है।
वहीं डेंगू प्रभावित गांवों में मलेरिया विभाग की टीम ने अपनी सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। हालांकि इसके बावजूद डेंगू के संदिग्ध केसों की संख्या पर फिलहाल कोई नियंत्रण होता नहीं दिख रहा है। सामान्य अस्पताल में प्रतिदिन बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या कम होने का काम नहीं ले रही।
पूरे जीटी रोड बेल्ट में बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों में डेंगू के संदिग्ध मरीज अटे पड़े हैं। लैब के बाहर जांच के बाद ब्लड सैंपल की रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों की भीड़ में भी फिलहाल कोई कमी नहीं देखी जा रही है।
लगातार जारी है फॉगिंग का काम
मलेरिया विभाग मच्छरों का लारवा खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। बृहस्पतिवार को भी अलग-अलग टीमों ने दातौली, बेगा, मनौली, पबसरा सहित अन्य गांवों में जाकर फागिंग का काम पूरा किया। खासकर जीटी रोड और यमुना से सटे सभी गांवों में जाकर मलेरिया विभाग की टीम अपना अभियान चला रही और एंटी लारवा दवाओं का छिड़काव कर रही है।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पूरी योजना के साथ काम चल रहा है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों व गांवों में जाकर बुखार पीड़ित मरीजों के ब्लड स्लाइड बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
-बलबीर सिंह, जिला स्वास्थ्य निरीक्षक