Earthquake in Sonipat: सोनीपत में अचानक से लोगों ने भूकंप का झटकों को महसूस किया तो वह अपने घरों से बाहर की तरफ निकल आए। वहीं, लोग गलियों में आपस में भूकंप के बारे में ही बातचीत करते नजर आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, दिल्ली के अनुसार भूकंप का केंद्र बिंदु नेपाल रहा। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई।
Earthquake News: सोनीपत में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसके चलते लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र बिंदु सोनीपत में ही रहा। जहां रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई। हालांकि भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। जिसके बाद फिर कई शहरों में 2 बजकर 51 मिनट पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। जिसका केंद्र नेपाल रहा। जिसकी तीव्रता 6.2 मापी गई।
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सुबह 11 बजकर 6 मिनट 3 सेकेंड पर महसूस हुए झटके
मंगलवार सुबह 11 बजकर 6 मिनट 3 सेकेंड पर अचानक भूकंप का झटका लगा। जिसका पता लगते ही लोग अपने घरों से बाहर की तरफ निकल आए। भूकंप की तीव्रता ज्यादा नहीं थी। शहरवासी मनोज, नितिन, सुनील ने बताया कि अचानक भूकंप का झटका लगते ही उन्हें खतरे का अंदेशा हो गया था। भूकंप का झटका महसूस किया तो वह घरों से बाहर आ गए थे। लोग गलियों में आपस में भूकंप के बारे में ही बातचीत कर रहे थे। उन्होंने माना की अगर अधिक झटका होता तो बहुत अधिक नुकसान हो सकता था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, दिल्ली के अनुसार भूकंप का केंद्र बिंदु सोनीपत रहा। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 2.7 मापी गई। वहीं फिर से आए भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई।
ये है भूकंप आने का कारण
टीकाराम कन्या महाविद्यालय की भूगोल की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.अनीता सिंह ने कहा कि पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के चलते भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर भूकंप की तरंग उत्पन्न करती है। यह भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर प्रकट होती है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन और नाभिकीय परीक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।
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ऐसे करना चाहिए भूकंप आने पर बचाव
सुरक्षित स्थान पर भूकंपरोधी भवन का निर्माण कराएं।
समय-समय पर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण ले व पूर्वाभ्यास करें।
आपदा की किट बनाएं जिसमें रेडियो, जरूरी कागज, मोबाइल, टार्च, माचिस, मोमबत्ती, चप्पल, नकदी व जरूरी दवाएं रखें।
भूकंप आने पर परिवार के लोगों को बिजली व गैस बंद करने को कहें।
भूकंप के दौरान टेबल, पलंग या मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण ले।
संतुलन बनाए रखने के लिए फर्नीचर को कस कर पकड़ लें।