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पृथ्वी दिवस : जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही करना होगा पौधरोपण

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पर्यावरण मित्र देवेंद्र सूरा - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। आने वाली पीढ़ी के लिए सबसे अच्छा उपहार बेहतर पर्यावरण ही हो सकता है। सभी को मिलकर धरा को बचाने का प्रयास करना होगा। बच्चों को बेहतर भविष्य देने का प्रयास करना होगा। पेड़-पौधे, हरियाली, पशु-पक्षी, नदियां ही धरती का गहना हैं। इन्हें संजोकर रखने की जरूरत है। सभी को मिलकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना होगा। विश्व पृथ्वी दिवस पर सभी को पर्यावरण की बेहतरी के लिए मिलकर कार्य करने का दृढ़ संकल्प लेना होगा।
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जिले में पर्यावरण पर लगातार बुरा असर पड़ रहा है। एनसीआर में शामिल जिले में भूजल के डार्क जोन बढ़ते जा रहे हैं। सोनीपत जिले का औसतन भूजल स्तर 12 मीटर तक पहुंच चुका है। मुरथल ब्लॉक में जहां औसतन भूजल स्तर 30 मीटर तक पहुंच चुका है, वहीं गन्नौर में करीब 26 मीटर, राई में करीब साढ़े 16 मीटर जलस्तर पहुंचने से परेशानी बढने लगी है। सड़कों के विस्तारीकरण से पेड़ों की हुई कटाई से क्षेत्र से हरियाली कम हो रही है। ऐसे में 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण को लेकर विशेषज्ञों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि कई बड़े प्रोजेक्ट के शुरू होने से पर्यावरण संरक्षण मुहिम को इस साल संजीवनी मिल सकती है।
वन विभाग हाईवे 334-बी पर 25 हजार पौधों का करेगा रोपण
जिले में तेजी से कम होती जा रही हरियाली को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने हाइवे 334-बी पर लगभग 50 हजार पौधों के रोपण करने का ड्राफ्ट तैयार किया है। ड्राफ्ट को पृथ्वी दिवस यानी वीरवार को एनएनएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर फाइनल किया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह वन विभाग मुख्यालय प्रस्ताव भेजेगा। प्रस्ताव पास होने के बाद करीब 40 किलोमीटर लंबे 334बी के सोनीपत क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। पहले चरण में 25 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
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फसल विविधिकरण पर कृषि विभाग दे रहा ध्यान
सोनीपत जिले में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है। मेरा पानी-मेरी विरासत प्रोजेक्ट का विस्तारीकरण किया जाएगा। प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट को खरीफ सीजन में धरातल में उतारकर रासायनिक खादों के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश की जाएगी। धान की बजाए किसानों को बाजरा, कपास आदि ऐसे फसलों को उगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिनमें सिंचाई का खर्च कम होता है। सहायक तकनीकी अधिकारी डा.देवेंद्र कुहाड़ बताते है कि रासायनिक खादों के इस्तेमाल से भूमि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ऑक्सीजन बाग से मिलेगी शुद्ध हवा
कई वर्षों से सोनीपत में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में जुटे ट्री मैन के नाम से विख्यात देवेंद्र सूरा ने कहा कि पृथ्वी दिवस पर सभी को शपथ लेनी चाहिए कि अधिक से अधिक पौधरोपण करें। अब तक 10 ऑक्सीजन बाग लगा चुके ट्रीमैन ने बताया कि अधिक से अधिक ऑक्सीजन बाग लगाए जाने की जरूरत है। जिसकी वजह से पर्यावरण में ऑक्सीजन बढ़ सके और लोगों को वनों के महत्व का पता लग सके।
हरियाली को बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। पृथ्वी दिवस पर भी एक बड़े प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। हाइवे 334-बी के दोनों तरफ 50 हजार पौधे लगाए जाएंगें। पहले चरण में 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। - डॉ. राजेश वत्स, जिला वन अधिकारी सोनीपत
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