डीसी के आदेशों का हवाला देकर पुलिसकर्मी अवैध वसूली कर रहे हैं। बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले ई-रिक्शा चालकों ने यह आरोप लगाए। साथ ही जिला उपायुक्त को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। डीसी ने साफ किया कि वह मामले की जांच करवाएंगे। अगर बेवजह आरोप लगाए तो कार्रवाई होगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
लघु सचिवालय पहुंचे पूर्व पार्षद संदीप राणा और ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि जो लोग मेहनत मजदूरी कर अपना और परिवार का पेट भर रहे हैं, अब उनकी पेट पर लात लगनी शुरू हो चुकी है। शहर में पिछले एक सप्ताह से ई रिक्शा चालकों के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा वसूली हो रही है।
पुलिस कर्मी द्वारा सड़क पर ई-रिक्शाओं को रोककर चालान के नाम पर रिक्शा चालकों से दो हजार रुपये मांगे जा रहे है। रुपये न देने के एवज पर ई रिक्शा को जब्त कर रहे हैं। साथ ही आरोप लगाया कि ई-रिक्शा को पकड़कर पुलिस कर्मियों की ओर से चालान करने के लिए रिक्शा में सवार महिलाओं व अन्य यात्रियों को सड़क पर ही उतारा जा रहा है। वहीं, इस बारे में डीसी का कहना है कि अवैध तरीके से बिना रजिस्ट्रेशन करवाए शहर की सड़कों पर हजारों की संख्या में ई-रिक्शाएं चल रही हैं, जिसके कारण शहर में जाम की स्थिति पैदा हो गई। जाम से छुटकारा पाने के लिए पुलिस की ओर से कार्रवाई आरंभ कर दी गई है।
शहर को जाम के झाम में फंसा रही अवैध रिक्शा
आरटीए के मुताबिक ई-रिक्शा चालकों को पहले भी रजिस्ट्रेशन के लिए अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ई-रिक्शा अब कॉमर्शियल मोटर व्हीकल की श्रेणी में आता है। इसका रजिस्ट्रेशन भी टैक्सी की कैटेगरी में किया जाना है, हालांकि बड़ी संख्या में ई रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन के लिए भी आ रहे हैं। शहर की सड़कों पर हर दिन करीब ढाई हजार ई-रिक्शा दौड़ रही हैं, जबकि पंजीकृत मात्र 350 हैं। ज्यादातर चालकों के पास लाइसेंस तक नहीं है, जिस कारण सड़कों पर हादसे भी हो रहे हैं। चालकों के प्रशिक्षित न होने से ट्रैफिक के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं।
चार माह पहले भी हुई थी कार्रवाई, फिर भी रजिस्ट्रेशन तक नहीं
आरटीए की ओर से शहर में दौड़ रही बिना रजिस्ट्रेशन की ई-रिक्शा के खिलाफ आरटीए की ओर से अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत खानापूर्ति कर अपना पल्ला झाड़ लिया गया। 11 अगस्त हो हुई कार्रवाई के दौरान 27 ई-रिक्शाओं के चालान काटे गए थे। दो दिन अभियान चलाने के बाद बीच में रोक दिया गया, लेकिन उसके बावजूद ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन कराने में लोग रुचि नहीं ले रहे।
रजिस्ट्रेशन न करवाने वालों पर कार्रवाई
सड़कों पर बगैर रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा चलाना अवैध है, जिसके पास रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उस पर कार्रवाई भी होगी। आरटीए ऑफिस जाकर रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बगैर रजिस्ट्रेशन के 40-50 की संख्या में ई-रिक्शा खरीद रखे हैं। इनका सेल्स टैक्स भी बकाया है। उन ई रिक्शाओं की जांच कर चालान कर रहे हैं।
केएम पांडुरंग, उपायुक्त, सोनीपत