फोटो : सोनीपत के मुरथल स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में खड़ी ई-बस। स्रोत: रोडवेज
सोनीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पानीपत से जिन 80 ई-बसों को झंडी दिखाई है उनमें 10 सोनीपत डिपो की हैं। अब सोनीपत बस अड्डे से तीन रूटों पर ई-बसों को अगले सप्ताह से चलाने की तैयारी है। तीन रूटों का सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है।
साथ ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) से 49 परिचालक मिले हैं। चिकित्सा जांच पूरी होने के बाद उन्हें नियुक्ति शुरू हो जाएगी। बढ़ते प्रदूषण और यातायात दबाव को देखते हुए हरियाणा रोडवेज ने जिले में ई-बसों की संख्या बढ़ाई है।
पहले जनवरी 2025 से पांच इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें सोनीपत बस अड्डे से कुंडली बॉर्डर तक चलती हैं। इन बसों को 26 जनवरी से शुरू किया गया था। 10 ई-बसों को नए रूटों पर चलाने के लिए रोडवेज की ओर से सर्वे किया गया है।
सोनीपत से दिल्ली आईएसबीटी, गोहाना व पानीपत रूट पर सर्वे किया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार करके रोडवेज प्रशासन की ओर से मुख्यालय भेज दी है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद इन बसों को तीनों रूटों पर चलाया जाएगा। इससे दैनिक यात्रियों को भी काफी फायदा मिल सकेगा।
रोडवेज का लक्ष्य सोनीपत डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करना है। 10 नई बसों के आने से इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। आगामी चरणों में शेष 35 बसें बेड़े का हिस्सा बनेंगी। इन बसों में भीषण गर्मी में यात्रियों को ठंडी और आरामदायक यात्रा मिलेगी।
वर्जन
मुरथल स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में 10 नई ई-बसें खड़ी हैं। इन बसों को वीरवार को मुख्यमंत्री ने पानीपत से हरी झंडी दिखाई है। रूट निर्धारण की प्रक्रिया फाइनल होने के बाद इनको सड़कों पर उतारा जाएगा। -संजय कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो