खरखौदा। नहर में पानी कम होने से शहर में 20 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। इससे लोग परेशान हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा बारिश के चलते किसानों की फसल डूबने के डर से सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ना कम कर दिया है। इससे अब पेयजल संकट पैदा हो गया है।
खरखौदा में करीब 35 हजार की आबादी रहती है जो जलघरों से सप्लाई होने वाले पानी पर निर्भर है। करीब 20 दिन से पेयजल उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जलघरों के टैंकों में पानी नहीं होने से यह समस्या पैदा हुई है।
दिल्ली मार्ग पर बने जलघर में पाई माइनर से पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है जिसे फिल्टर करने के बाद लोगों के घरों में भेज दिया जाता है। सिंचाई विभाग ने पाई माइनर में छोड़े जाने वाले पानी को कम कर दिया है।
ऐसे में नहर से जलघर में जिस पाइप के सहारे पानी पहुंचता है, उसके छोर से पानी नीचे चले जाने के कारण जलघर के तालाब खाली हो गए। इसके चलते शहर में लगातार पेयजल संकट गहराया हुआ है। नौबत यहां तक आ गई है कि शहर के कई हिस्सों में तो पांच-पांच दिन से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है।
-किसानों को परेशानी न हो, इसके चलते पानी कम किया गया है। बहादुरगढ़ के जलघर में भी पानी इसी नहर से पहुंच रहा है। खरखौदा के जलघर का पाइप नहर के बेड से ऊंचाई पर है। इस कारण पानी लेने में दिक्कत हुई। उन्होंने नहर में छोटा बांध लगवाया है और जन स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को पाइप भी नीचे किया है। अब परेशानी नहीं आएगी।यशपाल, उपमंडल अभियंता, सिंचाई विभाग
-नहर से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। ट्रैक्टर से भी लिफ्ट करवाया का प्रयास किया गया। अब बांध लगने से पानी ऊपर आया है। जिससे जल्द पानी एकत्रित कर सप्लाई दी जाएगी। उम्मीद है दो से तीन दिन में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।
-सुदेश कुमारी, उपमंडल अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग,