बहालगढ़ रोड पर दीवान पार्क के पास कार सवार कुछ युवकों ने बस के आगे कार अड़ाकर उसे रोका और चालक और परिचालक को बस से उतारकर जमकर धुनाई कर दी। बस में सवार यात्रियों ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
चालक व परिचालक को घायलावस्था में सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मामले की सूचना के बाद रोडवेज कर्मियों ने शुक्रवार सुबह प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। बस अड्डे पर मेन गेट का ताला जड़कर रोडवेज का करीब एक घंटे तक चक्का जाम रहा। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम रहने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रोडवेज की एक बस शुक्रवार सुबह सोनीपत डिपो से निकलकर दिल्ली जा रही थी। जिसे चालक संदीप मलिक चला रहा था। जब वह बस को लेकर दीवान फार्म के पास पहुंचा तो तो एक डस्टर कार फु ल स्पीड से दीवान फार्म से अचानक निकली और चलती बस के आगे एकदम ब्रेक लगा दिए।
जिससे कार बस से हल्की सी टकरा गई। रोडवेज कर्मियों की मानें तो डस्टर कार में सभी युवक नशे में थे। उन्होंने कार से उतरकर चालक संदीप मलिक और परिचालक देवेंद्र को पीटना शुरू कर दिया। साथ ही उन्होंने फोन से अपने कुछ अन्य मित्रों को भी बुला लिया। जो रिट्ज और वेरना कार में सवार होकर आए थे और हथियारों से लैस थे। उन्होंने दोनों रोडवेज कर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। यह देखकर बस में सवार यात्रियों ने बीच-बचाव करना चाहा तो युवकों ने यात्रियों के साथ ही हाथापाई करनी आरंभ कर दी।
जिसमें दो महिलाएं गंभीर रुप से घायल हो गईं। फिर हमलावर युवक चालक संदीप को रिट्ज कार में डालकर में बहालगढ की ओर ले गए और एक घंटे बाद उसे बुरी हालत में वापस लेकर आए। मारपीट करने वाले युवकों की संख्या करीब 10 से 12 बताई जा रही है। परिचालक ने आरोप लगाया कि जब उसने इसकी सूचना थाना सदर पुलिस को मामले की सूचना दी तो उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया और कार सवार युवकों को जाने दिया। घायल कर्मचारियों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
जब इस मामले की जानकारी साथी चालक परिचालकों को हुई तो उन्होंने बस अड्डे के गेट पर ताला लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे। चक्का जाम की सूचना पर पहुंचे डीएसपी सिटी विरेंद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय दर्शनलाल, सदर थाना प्रभारी दलबीर सिंह डांगी आदि अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इस दौरान रोडवेज कर्मियों ने बताया कि घटना के बाद जब पीड़ित चालक और परिचालक के परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई करने की बात की को पुलिस कर्मचारी भी उनसे बदतमीजी से पेश आए और अपराधियों का फेवर लेने लगे। जब रोडवेज कर्मियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस पर दबाव डाला तो पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ लिया और बाकी को छोड़ दिया।
प्रदर्शनकारी रोडवेज कर्मियों ने बाकी के आरोपियों को पकड़ने की मांग की। मौके पर पहुंचे उच्चाधिकारियों ने कर्मियों को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और विधि सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया और उन्हें समझाकर बस अड्डे के गेट का ताला खुलवाया।
कहां गए घायल यात्री
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वह यात्री भुला ही दिए गये जिन्हें बीच-बचाव के दौरान युवकों ने पीटा था, दो महिलाओं के भी चोटें आईं थी, मारपीट के बाद जब युवक चालक को कार में डालकर ले गए तो इसी दौरान मारपीट में घायल महिलाएं और यात्री भी उपचार के लिए वहां से चले गए। उसके बाद हंगामा और चक्का जाम हुआ, वहीं इस पूरे घटनाक्र्रम के बीच अपने गंतव्य को जाने वाले यात्री परेशान रहे। बस अड्डे के गेट पर ताले और बसों के चक्का जाम के चलते उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।