थाना कलां के ग्रामीणों का बिजली समस्या को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव में लगातार पिछले 13 वर्षों से शहर की तर्ज पर पूरी बिजली आपूर्ति हो रही थी। वहीं, अब दो माह से बिजली की आपूर्ति बहुत कम हो रही है। इसको लेकर वीरवार को ग्रामीण खरखौदा स्थित एसडीओ कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर एसडीओ न होने के लिए ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। इसको लेकर उन्होंने वहां प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जमीन थाना कलां की ओर से दी गई थी, लेकिन 132 केवी सब स्टेशन का नाम खरखौदा रखा गया है। इसका नाम थाना कलां के नाम किया जाना चाहिए। लोगों ने कहा कि वह एसडीओ से फोन पर बात करके यहां आए थे, लेकिन यहां आने पर उनकी सीट खाली मिली। आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बिजली घर पर ताला जड़ देंगे।
14 साल पहले दी थी 8 एकड़ भूमि
गांव थाना कलां की पंचायत ने वर्ष 2003 में 8 एकड़ जमीन विभाग को दी थी और लिखित में दिया गया था कि थाना कलां को अर्बन के हिसाब से बिजली आपूर्ति दी जाएगी। 132 केवी सब स्टेशन बनने के बाद से गांव को 20 घंटे बिजली मिल रही थी, लेकिन पिछले दो महीने से बिजली आपूर्ति कम हो गई है।
ट्यूबवेल को कनेक्शन नहीं, फैक्टरी को दिया कनेक्शन
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी रोष व्याप्त है कि जब से थाना कलां को अर्बन की तर्ज पर बिजली मुहैया कराई जाने लगी है तब से गांव की लाइन से किसी भी ट्यूबवेल लगाने वाले किसान को कनेक्शन नहीं दिया गया। वहीं, छह माह पहले एसडीओ ने थाना खुर्द के पास लगी एक फैक्टरी को उनके गांव की बिजली लाइन से कनेक्शन दे दिया गया। उनका आरोप है कि ये अब एसडीओ की मिलीभगत के कारण हो रहा है। वे जानबूझ कर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं।
एक्सईएन व एसई से मिले ग्रामीण, नहीं हुआ समाधान
खरखौदा में एसडीओ के न मिलने के बाद ग्रामीण एक्सईएन सोनीपत के कार्यालय में पहुंचे और अपनी समस्या बताई। जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल तो वे एसई के पास पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से उनको अवगत कराया, लेकिन वहां से भी कोई समस्या के हल का जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीण लौट आए। अब ग्रामीण एक पंचायत करके फैसला लेंगे। अगर निगम ने उनकी समस्या समाधान नहीं किया तो वे 132 केवी सब स्टेशन पर ताला जड़ देंगे। इस दौरान पर डॉ. हवासिंह, बलराम, बीरबल, राजेश, कृष्ण, विरेंद्र, पपू, जोगिंद्र, रामकंवार, ईश्वर, नरेंद्र, जगबीर, राजेंद्र, रोहताश, मेजर, प्रेम सिंह, बिल्लू, बलजीत, भतेरी, शीला, प्रेमो, रामकौर, रामरती, लक्ष्मी, बबीता, निशा, गीता आदि प्रदर्शनकारियों में शामिल रहे।