डीसी जिले का सबसे बड़ा अधिकारी होता है। जिला उपायुक्त होने के नाते उसके पास कई तरह की शक्तियां होती हैं। इसीलिए अधिकतर पीड़ित लोग अपनी शिकायतों को लेकर डीसी दरबार में पेश होते हैं। प्रमाण के तौर पर दो माह में ही ढाई सौ से अधिक शिकायतें इस बात को पुख्ता करती हैं। लेकिन जब लोगों की शिकायतों का निवारण समय पर न हो तो लोगों को परेशानी तो होती ही है, साथ में अधिकारी भी गुडविल से बाहर होते जाते हैं। ऐसा ही कुछ सोनीपत में हो रहा है।
जिले भर की इन ढाई सौ से अधिक शिकायतों में से 99 प्रतिशत से अधिक के बारे में संबंधित जांच अधिकारी ने कोई जवाब ही डीसी के समक्ष पेश नहीं किया है। इसी वजह से डीसी ने सभी अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए संबंधित शिकायतों की लिस्ट भेजी है तथा जल्द से जल्द जवाब मांगा है। डीसी के नोटिस से लगभग सभी विभागों में शिकायतों को लेकर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसी के चलते विभिन्न कार्यालयों में जो अधिकारी टाइमपास करते नजर आते थे, वे कामकाज में लगे रहते हैं।
एसडीएम कार्यालयों के पास सबसे ज्यादा जांच
शिकायतों में से अधिक शिकायतें अलग-अलग क्षेत्रों के एसडीएम के पास ही है। सोनीपत, खरखौदा, गोहाना, गन्नौर के एसडीएम कार्यालयों में कुल 43 शिकायतें जांच के लिए भेजी गई थी। दूसरे नंबर पर 41 शिकायतों की जांच के साथ पंचायत विकास विभाग के अधिकारी हैं। विभिन्न खंडों के पंचायत विकास अधिकारियों के पास ये शिकायतें जांच के लिए भेजी गई है। इन सबसे विपरीत पोस्ट ऑफिस, प्रदूषण, सिविल सर्जन, सीटीएम, जिला खेल अधिकारी, रोजगार, भवन एवं रोड निर्माण, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि विभाग के अधिकारियों के पास सिर्फ एक-एक शिकायतें ही जांच के लिए भेजी गई हैं।
विभाग शिकायतों की संख्या
एसडीएम 43
पंचायत विकास 41
एसपी 40
नगर निगम 18
तहसील 16
समाज कल्याण 15
एडीसी 14
डीईओ 10
डीईटीसी 9
लेबर 7
पेयजल आपूत 6
बिजली 5
डीटीपी 5
खनन 4
हुडा 4
सिंचाई 4
राजस्व 4
प्रशिक्षु आईएएस 3
डीएफसी 3
आरटीओ 3
जनस्वास्थ्य 3
वक्फ 3
एलडीएम 2
नियम भी है, लेकिन नहीं कर रहे पालन
नियमों की मानें तो यह स्पष्ट करता है कि अगर कोई उच्चाधिकारी किसी मामले की जांच सौंपें तो संबंधित अधिकारी को जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारी को देनी होती है। इसका सभी अधिकारियों को पता भी है, इसके बावजूद नियम का पालन नहीं किया जा रहा। 14 मार्च से 15 मई तक डीसी कार्यालय में 266 शिकायतें प्राप्त हुई थी। इनमें से लगभग 10 शिकायतों के संदर्भ में डीसी कार्यालय को रिपोर्ट दी गई है।
बेचैनी शुरू, ऊपर तक हो रही है मॉनीटरिंग
डीसी का नोटिस मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों में बेचैनी शुरू हो गई है। क्योंकि मौजूदा सरकार में कुछ समय पहले ही उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जोकि अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं थे या फिर सुस्ती दिखा रहे थे। वहीं अंदरखाते रिपोर्ट भी यह है कि सभी अधिकारियों की मॉनीटरिंग की जा रही है। इसीलिए नोटिस मिलते ही अधिकारियों का सारा ध्यान काम पर लग गया है। कुछ काम से बचने वाले अधिकारी भी आजकल अपने कार्यालय में व्यस्त रहते हैं।
जल्द जवाब दें, नहीं तो कार्रवाई का करें सामना
हमारा मकसद आम लोगों की सेवा करना है। अगर हम लोगों की शिकायतों पर गौर नहीं करेंगे तो उनकी परेशानी कैसे दूर होगी। नोटिस जारी किया गया है, अब तक आई शिकायतों की सॉफ्ट कॉपी भी सभी अधिकारियों को भेजी गई है। उन्हें जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है, अगर कोई अधिकारी अब भी समय पर रिपोर्ट नहीं देता तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
केएम पांडुरंग, डीसी, सोनीपत