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माता चिटाना वाली की मूर्ति को लेकर बढ़ा विवाद, दो घंटे तक मोहाना थाने में चली पंचायत में भी नहीं निकला कोई हल

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चिटाने वाली माता की मूर्ति। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। चिटाना वाली माता की मूर्ति को लेकर बढ़ा विवाद मंगलवार को थाने जा पहुंचा। थाने में पहुंचने के बाद भी दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अडिग दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि माता की जन्मस्थली चिटाना है और माता हमारी कुलदेवी हैं, इसलिए माता अब गांव में ही रहेंगी। वहीं दूसरी तरफ शहर से प्रधान महेश गोयल समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि यह परंपरा 300 साल से भी अधिक समय से चली आ रही है, इसे तोड़ना श्रद्धा के साथ खिलवाड़ करना है। जिसे माना नहीं जा सकता। थाना शहर प्रभारी सत्यवान और थाना मोहाना प्रभारी संदीप ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष अपनी बातों पर अडिग रहे। जिस कारण लंबी बहस के बाद भी बैठक बेनतीजा ही रही। इस मामले को लेकर अब दोबारा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों समेत दोनों पक्षों से केवल 10-10 सदस्यों को ही शामिल किया जाएगा।
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परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रशासन करे मदद
शहर की सामाजिक संस्थाओं से थाना पहुंचे प्रधान महेश गोयल, महेंद्र गोयल, नरेश गोयल, महताब सिंह खत्री, अशोक, हेमंत कुच्छल, सुरेश गुप्ता, देवेंद्र वर्मा समेत अन्य ने कहा कि गांव चिटाना से जब माता की मूर्ति को नहीं आने दिया गया तो उन्होंने ग्रामीणों से बात की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद हलवाई हट्टा स्थित मंदिर में अब माता की तस्वीर रखी गई है। ग्रामीणों द्वारा इस प्रकार 300 सालों से अधिक समय से चली आ रही परंपरा को तोड़ना गलत है। प्रशासन को इस मामले में कदम उठाते हुए परंपरा बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
मंदिर में दिया जा रहा है पहरा
गांव चिटाना स्थित भव्य मंदिर में माता चिटाना वाली की मूर्ति को स्थापित करने के बाद ग्रामीण निरंतर मंदिर में पहरे पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत कर निर्णय लिया है कि अब माता को मंदिर में ही स्थापित किया जाएगा, क्योंकि चिटाना में ही माता की जन्म स्थली है। इसलिए माता की पवित्र मूर्ति को अब नहीं जाने देंगे।
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यह है मामला
सोनीपत में चिटाने वाली माता की काफी मान्यता है और दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। प्राचीन परंपरा के अनुसार नवरात्रों में छठी तिथि की रात शहर के छोटा हलवाई हट्टा मंदिर से माता चिटाना की प्राचीन मूर्ति गांव चिटाना में जाती है, इसके बाद सप्तमी और अष्टमी को वहां मेला लगता है। अष्टमी को माता की मूर्ति को वापस हलवाई हट्टा स्थित मंदिर में लाया जाता है, लेकिन इस बार चिटाना के ग्रामीणों ने मंदिर में पहुंची माता की मूर्ति को वापस भेजने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने इसको लेकर तर्क दिया कि माता चिटाना0 वाली की मूर्ति को केवल स्थान के अभाव में ही शहर में स्थापित किया गया था, लेकिन अब गांव में भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है। ऐसे में अब माता यहीं रहेंगी। गांव चिटाना से प्राचीन मूर्ति को शहर न आने देने से विवाद बढ़ गया है। शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने इसे श्रद्धा से खिलवाड़ बताते हुए डीसी और एसपी को भी शिकायत की है।
अधिकारियों के सामने 10-10 लोगों को बुलाएंगे
माता चिटाने वाली की प्राचीन मूर्ति को लेकर चल रहे विवाद में दोनों पक्षों को मंगलवार को थाने में बुलाया था। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बात पर अडिग रहे। जिस कारण काफी देर तक चली बहस के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। अब प्रशासनिक अधिकारियों के सामने दोनों पक्षों से केवल 10-10 सदस्यों को दोबारा बुलाकर मामले को निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
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सत्यवान, प्रभारी, थाना शहर, सोनीपत
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