संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की वीरवार को ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें किसान नेताओं ने मंडियों में गेहूं बेचने के दौरान किसानों को आ रही परेशानी पर चर्चा की। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कटौती या भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में अमरजीत सिंह मोहड़ी, लखविंदर सिंह औलख, मनदीप सिंह, अमृतपाल सिंह बुग्गा, जगबीर घसौला, संदीप सिवाच, गुरप्रीत सिंह संधू, धीरज गाबा और बहादुर मेहला ने विचार रखे।
किसान नेताओं ने कहा कि बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बारिश की वजह से गेहूं की कटाई भी देरी से शुरू हुई है। अब अचानक बढ़ी आवक के चलते मंडियों में व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार को मंडियों में सभी आवश्यक प्रबंध करने चाहिए।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि मंडियों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। बारिश के कारण गेहूं में आए लस्टर लॉस या अन्य बहानों से किसानों को परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के गेहूं का एमएसपी पर खरीदा जाए।
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने कहा कि गेहूं खरीद में लगाई गई अनावश्यक शर्तें जैसे बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर की फोटो अपलोड करने की बाध्यता हटाई जाए। किसानों को बिना किसी अनावश्यक शर्त के एमएसपी पर गेहूं बेचने की सुविधा दी जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की परेशानी आई या एमएसपी पर खरीद नहीं की गई तो हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा प्रदेशभर में आंदोलन करने को मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।