सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाले पुलिस कर्मियों को ही सहयोग नहीं मिल रहा। इसका स्पष्ट उदाहरण शनिवार को पुलिस लाइन में ही देखने को मिल गया।
एक तरफ पूरा शहर बिजली से जगमग है। वहीं पुलिस लाइन में अंधेरा छाया हुआ है। सुबह लगभग 11 बजे से पुलिस लाइन का बिजली कनेक्शन काटा गया था।
लाखों रुपये का बिजली का बिल न भरने की बात कहते हुए बिजली निगम ने यह कार्रवाई की थी। कार्रवाई के विरोध में शनिवार देर शाम पुलिस लाइन के बाशिंदे इकट्ठे होकर डीसी निवास भी पहुंचे, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। देर रात को निगम के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बिजली का कनेक्शन चालू कर दिया गया।
जानकारी अनुसार पुलिस लाइन का बिजली कनेक्शन सुबह लगभग 11 बजे बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा काट दिया गया। उस समय तो लाइन में पता नहीं लगा।
दोपहर बाद पता लगा तो लोग इकट्ठा होने लगे। बिजली निगम में फोन कर लाइट न आने का कारण पूछा तो पता चला कि बिजली का बिल न भरने की वजह से कनेक्शन काट दिया गया है।
इस पर लोगों में रोष फैल गया। विशेषकर महिलाएं इकट्ठा होकर डीसी निवास पर पहुंच गए। यहां पर काफी देर तक डीसी का इंतजार किया, लेकिन डीसी नहीं मिल पाए।
डीसी के पीए से मिलकर ही महिलाएं वापस चली आई। देर रात लगभग 10 बजे निगम के एसई के निर्देशों पर बिजली कनेक्शन वापस जोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि सोमवार को अब इस मामले में बैठक कर मामला निपटाया जाएगा।
10 माह से नहीं आया बिल
बताया जा रहा है कि लाइन में बने क्वार्टरों का बिजली का बिल 10 महीने से नहीं आया है। कुछ कर्मचारियों ने वजह जानने की कोशिश की तो पता चला कि बिजली का मास्टर मीटर लाइन के बाहर लगाया गया है। मेन मीटर का ही बिजली का बिल एसपी कार्यालय भेजा जाएगा।
12 हजार तो भर देंगे, लेकिन भरे कहां
बिजली का बिल नहीं आया तो कर्मचारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों से बातचीत की। इस पर 12 हजार रुपये प्रति क्वार्टर बिजली का बिल भरना तय किया गया था। कुछ कर्मचारियों ने एसपी कार्यालय पहुंच कर बिल भरने की कोशिश की, लेकिन वहां पर भी जवाब मिला कि बिजली निगम की ओर से बिल ही नहीं आया।
पहले भी काटा था कनेक्शन
पुलिस लाइन का बिजली कनेक्शन पहले भी काटा गया था। करीब 10 दिन पहले बिजली के बिल के विवाद में ही बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। उस समय भी समाधान निकालने तक अस्थायी रूप से बिजली कनेक्शन जोड़ दिया गया था। इससे लगभग 1 माह पहले भी बिजली का कनेक्शन काटा गया था।
बिजली निगम के एसडीओ संदीप कुंडू ने बताया कि सरकार के निर्देशों के उपरांत चार दीवारी के अंदर सिंगल प्वाइंट रीडिंग सिस्टम के तहत मास्टर मीटर लगाया गया था। बिल ज्यादा हो रहा था। अधिकारियों के निर्देशों पर कनेक्शन काट दिया गया था। अब अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं, वापस कनेक्शन जोड़ने के। इसीलिए कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।
संदीप कुंडू, एसडीओ, बिजली निगम