फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीपीएस मेडिकल कालेज को मिला स्थायी निदेशक

Thu, 20 Oct 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोहाना
विज्ञापन
मेडिकल कालेज के विभागाध्यक्ष नए निदेशक का स्वागत करते हुए। - फोटो : sonipat
विज्ञापन
भगत फूलसिंह महिला मेडिकल कालेज को आखिरकार अपना स्थायी निदेशक मिल ही गया है। नए निदेशक के रूप में पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस रोहतक के मेडिसन विभाग के एचओडी डॉ. पीएस गहलोत ने कार्यभार ग्रहण किया है। मंगलवार रात को उनकी नियुक्ति के आदेश हुए थे। बुधवार को मेडिकल कालेज आकर उन्होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। मेडिकल कालेज के स्टाफ ने नए निदेशक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विज्ञापन


मेडिकल कालेज के नए निदेशक डॉ. पीएस गहलोत बुधवार दोपहर मेडिकल कालेज पहुंचे तथा मेडिकल का दौरा कर किया। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली तथा उनसे बातचीत की। नए निदेशक ने सभी विभागाध्यक्षों से उनके काम में आ रही बाधाओं व अन्य समस्याओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता रोगियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज कार्यभार संभालने के बाद अस्पताल के बारे में जानकारी ली है। अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

सड़क ठीक कराने के लिए करेंगे सरकार से बात
निदेशक डॉ. पीएस गहलोत ने कहा कि जब वह रोहतक से खानपुर कलां में आए तो रास्ते में कई जगह से सड़क टूटी हुई है। इसी तहर गन्नौर से खानपुर कलां तक की सड़क भी टूटी हुई है जो करीब आठ पहले विभाग द्वारा दोबारा बनाने के लिए तोड़ी गई थी। इस बारे में वह जल्द ही सरकार से बातचीत कर सबसे पहले सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराएंगे। इसके अलावा अस्पताल के अंदर भी मुख्य सड़क कई स्थानों से टूटी हुई है। इसकी भी जल्दी ही मरम्मत कराने काम शुरू करा दिया जाएगा।  
विज्ञापन


डॉ. गहलोत को 35 साल का अनुभव
बीपीएस मेडिकल कालेज के नए निदेशक पीएस गहलोत को विभिन्न क्षेत्रों में 35 साल का अनुभव है। चिकित्सक से लेकर प्रशासनिक कार्य तक का उन्हें पूरा अनुभव है। उन्होंने वर्ष 1976 में पीजीआई रोहतक से एमबीबीएस की। उसके बाद 1980 में जनरल मेडिसन में एमडी की। 1981 से 1986 वह मेडिसन विभाग के लेक्चरर रहे। 1986 से 1991 तक रीडर तथा 1991 से 1993 तक एसोसिएट प्रोफेसर रहे। इसके बाद वह 1994 से 2007 तक प्रोफेसर व मेडिसन विभाग के एचओडी रहे। वर्ष 2007 से अब तक वह सीनियर प्रोफेसर व मेडिसन विभाग के एचओडी हैं। 

जांच का काम नहीं होगा प्रभावित
नए निदेशक ने कहा कि आज उन्होंने कार्यभार संभाला है। सरकार जो भी दिशा-निर्देश देगी, उसी हिसाब से काम जारी रहेगा। वह सभी का सहयोग लेकर मेडिकल कालेज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच का काम उनके आने से पहले ही चल रहा है। वह उसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह सरकार का काम है।

मेडिकल कालेज में जल्द होंगी भर्तियां
डा. गहलोत ने कहा कि मेडिकल कालेज में अगले माह मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) का निरीक्षण होना है। उससे पहले स्टाफ को पूरा करना भी उनकी पहली प्राथमिकता होगी। यहां मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ को पूरा करने के लिए सरकार से मंजूरी ली जाएगी तथा जल्द से जल्द नए स्टाफ की भर्ती की जाएगी। एमसीआई के निरीक्षण के बाद ही अगला काम शुरू होगा। जब तक स्टाफ पूरा नहीं होगा, एमसीआई आगे सीटों की मंजूरी देने में आनाकानी कर सकती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें