मंत्री के शहर की असल तस्वीर देखिए। आधा शहर डायरिया की जद में हैं। देखने-सुनने को कोई तैयार नहीं। लोग रोजाना शिकायत देते हैं, लेकिन अधिकारी इतने लापरवाही हैं कि उन्हें समस्या का ही नहीं पता। जर्जर लाइनों के जरिए आधे शहर में दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। नतीजतन, पानी जनित बीमारियों का खतरा। पिछले साल सिक्का कॉलोनी में डायरिया के दर्जनों मरीज मिले थे।
जिला प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया था। लोगों को आज भी याद है, लेकिन प्रशासन सब भूले बैठा है। सिक्का कॉलोनी सहित छह कालोनियों में दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है। अमर उजाला की टीम ने सभी कालोनियों में जाकर हालात का जायजा लिया तो हकीकत सामने आई। कई क्षेत्रों में पानी में गंदगी ही नहीं कीड़े भी पाए गए।
इन कालोनियों में पहुंची थी टीम : दिल्ली कैंप, सिक्का कालोनी, आर्य नगर, वेस्ट राम नगर, ब्रह्म नगर, विशाल नगर।
पानी बहुत खराब है
पानी की सप्लाई बेहद खराब है, हर समय रेतिला पानी आता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। सप्ताहभर पहले तो पानी पूरी तरह से मिट्टी मिला हुआ आया था।
रतन लाल, दिल्ली कैम्प
पानी भरना ही बंद कर दिया है
यहा पर पानी इतना गंदा आता है कि हद है। मजबूरन हमने पानी भरना ही बंद कर दिया है। टंकी शाम को भरते हैं ताकि सुबह तक गंदगी बैठ जाए। पास में ही ट्यूबवेल से पीने का पानी लेकर आते हैं।
लक्ष्मण, दिल्ली कैम्प
अब आदत हो गई है पीने की
पिछले 20 साल से रह रही हूं। ऐसा ही पानी आ रहा है। आज तक कभी भी स्वच्छ पानी मैंने नहीं देखा है। अब इसी पानी को पीने की आदत हो गई है। पता है कोई इस पानी को देखने तक नहीं आने वाला है।
कृष्णा, ब्रह्म नगर
पानी खराब है मगर मजबूरी भी है
पानी बहुत ज्यादा खराब है लेकिन इस पानी के सिवाय कोई रास्ता भी नहीं है। इसलिए इसी पानी को भरना पड़ता है। इसके बाद बच्चे को भी दस्त लग जाते हैं। वहीं, पानी एक दिन के बाद ही ऐसा हो जाता है जैसे गंदे नाले का पानी हो।
सीता देवी, सिक्का कालोनी
मीटर तो चेक करते हैं पानी नहीं
हर दो महीने के बाद विभाग के कुछ कर्मचारी आते हैं। पानी के लिए लगाए गए मीटरों को चेक करने केेेे बाद बिल बनाते हैं और चले जाते हैं। आज तक पानी चेक करने काई नहीं आया है और बिल तीन हजार तक देते हैं।
कविता , सिक्का कालोनी
साफ पानी का वादा भूल गए
चुनाव से पहले मंत्री ने हमें स्वच्छ पानी देने का वायदा किया था। लेकिन अब देखने वाला कोई नहीं है। पीने के पानी के लिए लोग इधर-उधर की ठोकरें खा रहे हैं और अधिकारियों और राजनेताओं को कोई चिंता नहीं है।
अमित, विशाल नगर
आता है तो गंदा पानी
पानी के हालात बहुत बुरे हैं एक बात तो पानी दो-दो दिन में आता है। और जब आता है तो बहुत गंदा पानी होता है। इसमें सीवर का पानी भी जमा होता है। इस केवल छिड़काव में ही इस्तेमाल करते हैं।
रविंद्र, वेस्ट रामनगर
छान कर पीते हैं पानी
सप्लाई होने वाला पानी बहुत गंदा है जिसे भरने के बाद एक दिन तक रखा जाता है और फिर उसे छानने के बाद उबाल कर पीते हैं। उसके बाद भी बीमारियों का डर रहता है।
कृष्णा, आर्यनगर
पानी में आती है बदबू
प्रशासन द्वारा जो पानी की व्यवस्था की गई है वो ना के बराबर है क्योंकि जो पानी आता है उसमें से बहुत ज्यादा बदबू आती है। इस कारण उसे पीना तो दूर घर में रखा भी नहीं जाता है।
अशोकी, विशाल नगर
हमारे पास नहीं आई है कोई शिकायत : एसई
सप्लाई होने वाले पानी की हमारे पास अभी तक काई शिकायत नहीं आई है। किस-किस जगह से पानी की जांच के सैंपल लिए गए हैं और कितने सैंपल फेल या पास हुए, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
ईश्वर जैन, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग सोनीपत
डीसी केएम पांडुरंग से सीधी बात
सवाल : शहर की कई कालोनियों में दूषित पेयजल सप्लाई किया जा रहा है, क्या आपको इसके बारे में जानकारी है?
जवाब : हां एक शिकायत आई थी, उसकी जांच करवाई जा रही है। जांच सीटीएम कर रहे हैं।
सवाल : हमने आठ कालोनियों का जायजा लिया है, क्या प्रशासन यहां भी जांच करवाएगा?
जवाब : हां बिल्कुल, आपने बताया है तो इन कॉलोनियों में पेयजल की जांच की जाएगी।
सवाल : जन स्वास्थ्य विभाग (पेयजल) जोकि सप्लाई के लिए जिम्मेदार है, उसके एसई कहते हैं कि उन्हें न तो रिकार्ड का पता है न ही कोई शिकायत का पता है। क्या यह गैर जिम्मेदाराना रवैया नहीं है?
जवाब : हां बिल्कुल, यह रवैया पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना है। इस बारे में उनसे बात की जाएगी।