09jjrp21- गोयला कलां निवासी दिनेश गोलियां को सम्मानित करते आयोजक। स्रोत-आयोजक
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साल्हावास । गोयला कलां निवासी 24 वर्षीय दिनेश गोलिया पुत्र नरेंद्र गांव गोयला आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। यह खिलाड़ी देहाती दंगलों में आज खूब धूम मचा रहा है। कोई भी देहाती दंगल ऐसा नहीं है जहां दिनेश गोलिया ने अपना दमखम न दिखाया हो।
हाल ही में हिमाचल बलद्वाड़ा में पारंपरिक हिंद केसरी दंगल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के नामी पहलवानों के साथ-साथ विदेशी पहलवानों ने भी भाग लिया। दंगल में रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से तीन कुश्तियों का आयोजन किया गया। पहली कुश्ती में चीनू रायबाल ने लाली फगवाड़ा को हराकर जीत दर्ज की। दूसरी कुश्ती में मोहित रायबाल ने बिनिया जम्मू को चित किया। हिंद केसरी टाइटल के लिए हुए मुख्य मुकाबले में दिनेश गोलिया ने विदेशी पहलवान गिओर्गी को पटखनी देकर हिंद केसरी का खिताब अपने नाम किया।
विजेता दिनेश गोलिया को दंगल कमेटी की ओर से एक गुर्ज और एक लाख की नगद राशि भेंट की गई। कुछ दिन पहले ही इस सेना (सर्विसेज) के जवान ने एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
कैप्टन जोरा सिंह अखाड़ा गोधडी में ले रहे प्रशिक्षण
दिनेश गोलिया कश्मीर बटालियन में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। सेना की तरफ से उन्हें अपनी कुश्ती का प्रशिक्षण कहीं भी लेने के लिए फ्री हैंड किया हुआ है। वे दो बार झज्जर केसरी और दो बार हरियाणा केसरी रह चुके हैं। अब हिमाचल में पांचवीं बार हिंद केसरी का टाइटल जीतने वाले विजेता रहे हैं। वे राजकीय महाविद्यालय मातनहेल में बीए के छात्र हैं। उन्होंने अपने गांव से ही दसवीं की परीक्षा पास की तथा उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल से 12वीं की परीक्षा पास की हुई है। वे 125 किलो फ्रीस्टाइल के खिलाड़ी के पहलवान हैं। इकहरी व दोहरी टांग दिनेश गोलियां के प्रिय दांव हैं। वे कैप्टन जोरा सिंह अखाड़ा गोदड़ी में पिछले 6 साल से अभ्यास कर रहे हैं।