सोनीपत। सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का पेपर लीक कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को ठगने के मामले में मास्टरमाइंड धीरज था। उसने अपने ही भाई नीरज को भी इस फर्जीवाड़े में शामिल कर लिया। नीरज वर्तमान में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी पर कार्यरत है। अब इस मामले के सामने आने के बाद उनकी नौकरी पर भी तलवार लटकने लगी है।
रोहतक के गांव करौंथा निवासी धीरज ने अपने भाई नीरज के साथ गांव के दोस्त सचिन को भी भरोसे में लेकर पूरी सेटिंग की। नीरज और सचिन पूछताछ में यह स्वीकार कर चुके हैं कि अभ्यर्थियों को बुलाने, ठहराने और कथित प्रश्नपत्र सॉल्व कराने का पूरा षड्यंत्र धीरज व उसके दोस्त पवन और आशीष ने बनाया था। दोनों ने यह भी माना है कि धीरज ने ही नीरज के मोबाइल के जरिए कथित प्रश्नपत्र भेजा था।
परीक्षा से तीन-चार दिन पहले किया था संपर्क
आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि दोनों से धीरज ने परीक्षा से तीन-चार दिन पहले संपर्क किया था। उसने कहा था कि दोनों को चिड़ाना स्थित रायत बाहरा कॉलेज में जाना होगा। वह वहां गए तो उन्हें 37 अभ्यर्थियों के साथ आशीष मुंडलाना भी मिला। इनमें 16 छात्र केमिस्ट्री व 21 लाइफ साइंस के थे। धीरज ने दोनों परीक्षाओं के दो-दो सेट सॉल्व कर उनके पास भेजे थे। उनके प्रिंट निकाल कर अभ्यर्थियों को अभ्यास करा रहे थे।
दिल्ली-चंडीगढ़-जयपुर में दबिश, अपनों ने बताए ठिकाने
पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब मुख्य आरोपी धीरज और उसके साथी पवन की तलाश में जुटी है। सूत्र बताते हैं कि टीमें दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर में दबिश दे रही हैं। इन तीनों ठिकानों की जानकारी खुद धीरज के भाई नीरज और दोस्त सचिन ने पुलिस पूछताछ में दी थी।
रुपये लिए या नहीं, गिरफ्तारी के बाद होगा खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मौके पर पकड़े गए अभ्यर्थियों से अब तक सीधे तौर पर रुपये लेने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पैसे का लेनदेन हुआ या नहीं इसका सच धीरज की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा। जांच का फोकस अब कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूतों पर केंद्रित किया गया है।
सरकारी नौकरी पर संकट
स्वास्थ्य विभाग दिल्ली में कार्यरत नीरज की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। यदि जांच में उसकी संलिप्तता साबित हुई तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई भी तय है। जानकार मानते हैं कि यह मामला सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं है। यह परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर अपराध है। एसआईटी पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा सीएसआईआर-यूजीसी नेट पेपर लीक की खबरें भ्रामक
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हरियाणा में सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही पेपर लीक से संबंधित खबरें पूरी तरह भ्रामक, गलत और तथ्यहीन हैं। स्पष्ट किया जाता है कि परीक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई हैं। उन्होंने आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की है। उनके मैसेज पर विकास उतरेजा ने लिखा है कि हरियाणा की जनता को विश्वास नहीं। कानून व्यवस्था तक उल्लंघन कर सकते हैं विभाग।
फोटो :29: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से सोशल मीडिया पर डाला गया संदेश। स्रोत सोशल मीडिया