सोनीपत : नेशनल हाईवे (एनएच)-44 पर गांव जाट जोशी में प्रस्तावित नए बस अड्डे के निर्माण के लिए दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) एजेंसी ने बस अड्डे का प्रारंभिक डिजाइन तैयार कर रोडवेज विभाग को सौंप दिया है।
डिजाइन को लेकर विभागीय स्तर पर परीक्षण प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के अनुसार डिजाइन को स्वीकृति मिलने के बाद रोडवेज विभाग नए बस अड्डे के निर्माण के लिए विस्तृत बजट तैयार कर मुख्यालय भेजेगा। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह बस अड्डा सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मोड के तहत बनाया जाएगा। यहां पर 250 बसों के संचालन के लिए आधुनिक बेड़ा तैयार करने की योजना है।
सरकार की ओर बस अड्डे के लिए 9.38 एकड़ भूमि का चयन किया गया है। बस अड्डे का डिजाइन यात्रियों और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, आधुनिक शौचालय, टिकट काउंटर और प्रशासनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एनएच-44 पर बस अड्डे के सामने फुटओवर ब्रिज बनाने की संभावना भी तलाशी जा रही है जिसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मंजूरी ली जाएगी।
व्यावसायिक सुविधाओं से बढ़ेगा रोजगार
नए बस अड्डे का भवन व्यावसायिक गतिविधियों से युक्त होगा। डिजाइन में दुकानों और फूड स्टॉल के लिए कॉमर्शियल स्पेस शामिल किया गया है। इससे यात्रियों को आवश्यक वस्तुएं परिसर में ही उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। युवा वर्ग को स्वरोजगार का मौका मिलेगा।
पार्किंग और ई-बस चार्जिंग की व्यवस्था
परियोजना में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। वर्ष 2025 में रोडवेज बेड़े में 15 साधारण, 5 एसी और 5 ई-बसें शामिल की जा चुकी हैं जबकि 50 अतिरिक्त ई-बसों का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है।
-मौजूदा बस अड्डे की समस्याओं से मिलेगी राहत
वर्तमान में ताऊ देवीलाल चौक के पास करीब चार एकड़ में बने बस अड्डे पर जाम और जलभराव की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नया बस अड्डा शुरू होने के बाद इन समस्याओं से निजात मिलेगी। जिले से अन्य राज्यों व दूरस्थ क्षेत्रों के लिए सीधी बस सेवा भी बढ़ाई जा सकेगी।
डीआईएमटीएस एजेंसी की तरफ से सौंपे गए डिजाइन की समीक्षा की जा रही है। आवश्यक सुधारों के बाद जल्द निर्णय लिया जाएगा ताकि नए बस अड्डे का निर्माण शीघ्र शुरू हो सके। -निखिल मदान, विधायक।
डिजाइन अभी प्रारंभिक स्तर पर है। उच्च अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर एजेंसी से संशोधन भी कराया जा सकता है। -संजय कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज, सोनीपत।