सोनीपत। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोनीपत में लोगों से मुलाकात के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का शर्मनाक बयान सशस्त्र बलों के लिए बेहद अपमानजनक है। देश की सेना को किसी व्यक्ति विशेष के आगे नतमस्तक करके बीजेपी के नेता क्या सेना का मनोबल नहीं तोड़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि एक सैनिक केवल भारत माता के चरणों में शीश झुकाता है, किसी व्यक्ति के नहीं। बीजेपी के नेताओं को सेना के बारे में अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को सोनीपत में लोगों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल पूछा। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए सांसद ने कहा कि देश की सेना पर हम सभी को गर्व है। इस सेना ने 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए, चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया। कारगिल की पहाड़ियों पर पाकिस्तान का शीश झुकाने वाली सेना है। इस सेना ने कभी हिंदुस्तान का सिर झुकने नहीं दिया। किसी व्यक्ति या पार्टी से देश की सेना की तुलना करना देश को कतई स्वीकार्य नहीं होगा।
सांसद ने यह भी कहा कि पिछले दिनों भाजपा के एक मंत्री ने सेना की एक महिला अधिकारी के खिलाफ अशोभनीय बात कही जो दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा को कोर्ट के आदेश का इंतजार किए बिना उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी। भाजपा ने अगर अपने मंत्री के घटिया बयान पर एक्शन लिया होता तो उपमुख्यमंत्री की ऐसी हिम्मत ना होती। सांसद ने मांग करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे पराक्रमी सेना का मनोबल तोड़ने वाला बयान देने पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तुरंत इस्तीफा देकर देश से माफी मांगें।
सभी दलों के सांसदों के साथ तिरंगा यात्रा निकाले सरकार
सांसद दीपेंद्र ने कहा कि जब भी देश पर कोई संकट आता है तो सारा राष्ट्र एकजुट होकर उसका मुकाबला करता है। ऑपरेशन सिंदूर में विपक्ष के साथ 140 करोड़ देशवासियों ने सरकार का साथ दिया और अपने सशस्त्र बलों, तिरंगे के साथ एकजुट होकर खड़ा रहा। सत्तारूढ़ दल को पहल करनी चाहिए कि इंडिया गेट से संसद भवन तक सभी दलों के सांसदों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जाए और संसद के विशेष अधिवेशन में इसका समापन हो। संसद के माध्यम से संदेश जाए कि आतंकवाद के विरुद्ध जाति, धर्म व दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरा भारत एकजुट है। इस दौरान सांसद पं. सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, सुखबीर फरमाना, पदम सिंह दहिया, जयभगवान आंतिल, मनोज रिढ़ाऊ, सुरेंद्र छिक्कारा, जयवीर आंतिल, अशोक सरोहा भी मौजूद रहे।