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लंपी स्किन वायरस से गोवंशों को बचाव के लिए विभाग के पास वैक्सीन नहीं

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सोनीपत। लंपी स्किन वायरस से गोवंशों को बचाव के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पास वैक्सीन तक नहीं है। कई जिलों के गोवंशों में लंपी स्किन वायरस के मामले मिल चुके हैं। हालांकि अभी तक सोनीपत में स्थिति सामान्य है। जिले में अगर समय रहते वैक्सीन का प्रबंध नहीं किया गया तो हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। एहतियातन गोवंशों की सुरक्षा के लिए गोशालाओं व नंदीशालाओं में कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है।
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सरकार के आदेश के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी अलर्ट हैं, लेकिन विभाग के पास गोवंशों को लंपी स्किन वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं है। जिले में राहत यह है कि यहां किसी भी गाय में इस तरह का वायरस नहीं मिला है। वेटरनरी सर्जन गायों की स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि गोवंशों को सिर्फ वैक्सीनेट करके ही बचाया जा सकता है। अगर मुख्यालय की तरफ से जल्द ही गायों के लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई तो संक्रमण आने से हालात खराब हो सकते हैं।
जिले में एक लाख 4 हजार 884 गोवंश हैं। विभाग के अनुसार 29 पंजीकृत गोशाला व चार नंदीशाला है। वर्तमान स्थिति में अभी तक जिले में गोवंश संक्रमण से दूर हैं। सभी वैटरनरी सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में गायों के स्वास्थ्य की जांच करें। अगर गायों में इस तरह का वायरस मिलता है तो सैंपल लेकर भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब में जांच के लिए भेेजे जाएंगे। गोवंशों की सुरक्षा को लेकर छिड़काव के लिए कीटनाशक की व्यवस्था है।
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इंसेट
दो दिन पहले वैक्सीन मंगवाने का प्रस्ताव भेजा
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गोवंशों को लंपी स्किन वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन जरूरी है। इसको लेकर प्रबंध निदेशक ने गायों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराने का ब्योरा मांगा है। प्रबंध निदेशक के आदेश के बाद दो दिन पहले ही 1.05 लाख वैक्सीन मंगवाने का प्रस्ताव भेजा है। मुख्यालय से गोटफोक्स वैक्सीन मिलने के बाद ही गोवंशों को लगाई जा सकेगी।
वर्जन
जिले में गोवंश लंपी स्किन वायरस से दूर हैं। वैटरनरी सर्जन लगातार गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। साथ ही जिस स्थान पर गोवंशों को रखा जा रहा है, वहां पर कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। विभाग के पास गोवंशों के लिए वैक्सीन नहीं है। मुख्यालय से गोटफोक्स वैक्सीन मिलने के बाद गोवंशों को लगाई जाएगी।
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डॉ. संजय आंतिल, उप निदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग
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