संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। प्रदेश सरकार ने गर्भवती महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मुस्कान से मातृत्व तक पहल शुरू की है। अब प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित प्रत्येक शिविर में गर्भवती महिलाओं के मुंह, दांत और मसूड़ों की जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।
उप मंडल नागरिक अस्पताल, गोहाना के दंत चिकित्सक डॉ. राकेश रोहिल्ला ने बताया कि प्रत्येक माह 9, 10, 23 और अंतिम तिथि को आयोजित सुरक्षित मातृत्व शिविरों में अब डेंटल सर्जन भी मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान ओरल हेल्थ संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण मसूड़ों से खून आना, पायरिया और अन्य दंत रोगों का खतरा बढ़ जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर समय पूर्व प्रसव, कम वजन के शिशु के जन्म जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि जांच के साथ महिलाओं को उपचार, आवश्यक परामर्श और ओरल हाइजीन के प्रति जागरूक किया जाएगा ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। यह पहल सुरक्षित मातृत्व के साथ स्वस्थ मुस्कान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।