गोहाना। डेंगू की जांच के लिए अब मरीजों को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां या जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने उपमंडल नागरिक अस्पताल में ही डेंगू जांच की सुविधा शुरू कर दी है। अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए दो बेड का अलग वार्ड भी तैयार किया गया है।
बारिश के मौसम में मच्छरों के पनपने और वायरल संक्रमण बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम में बदलाव के कारण अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। इसे देखते हुए एसएमओ ने ओपीडी में बुखार से पीड़ित मरीजों की स्लाइड बनाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जांच के दौरान किसी मरीज में डेंगू के संभावित लक्षण मिलने पर अब उसकी पुष्टि के लिए उपमंडल नागरिक अस्पताल की लैब में ही जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार लैब में प्रतिदिन दो से तीन मरीजों की डेंगू जांच की जा रही है। पहले जांच के लिए मरीजों को खानपुर कलां या जिला अस्पताल, सोनीपत जाना पड़ता था।
अस्पताल में डेंगू मरीजों के प्राथमिक उपचार के लिए प्रथम तल पर अलग वार्ड बनाया गया है। वार्ड में दो बेड आरक्षित किए गए हैं और दोनों पर मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है कि संक्रमित मरीजों के उपचार में सुविधा रहे। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में डेंगू जांच का शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। अब निजी अस्पताल जांच के लिए 600 रुपये से अधिक शुल्क नहीं ले सकेंगे।
चार कॉलोनियां संवेदनशील घोषित
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया के खतरे को देखते हुए शहर की आदर्श नगर, खटीक बस्ती, न्यात कॉलोनी और मीनाक्षी कॉलोनी को संवेदनशील घोषित किया है। अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में पिछले वर्ष मिले मच्छरों के लार्वा, सफाई व्यवस्था और जल निकासी की स्थिति के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
वर्जन
मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में अलग से वार्ड तैयार किया गया है। लाेगों से अपील है कि डेंगू से बचने के लिए घरों के आसपास पानी न ठहरने दें। घर में रखे कूलर और पानी की टंकी की समय-समय पर सफाई जरूर करें।
डॉ. दिनेश छिल्लर, एसएमओ, नागरिक अस्पताल