फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेगा में एक और महिला की मौत, डेंगू की आशंका

Sun, 13 Sep 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गन्नौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बेगा गांव में डेंगू की बीमारी के चलते होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक महिला कमला (36) की मौत हो गई। ग्रामीण इसे डेंगू या कोई अन्य घातक बीमारी मानकर चल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग खामोश बना हुआ है। इससे एक दिन पहले भी गांव में एक छात्रा की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम बेगा रोड स्थित निजी क्लीनिकों पर पहुंची और वहां आए मरीजों को डेंगू के प्रति जागरूक किया।

परिजनों ने बताया कि कमला को दो दिन पहले बुखार आया था। उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार देर रात उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। जब तक उसे संभाल पाते, तब तक उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत से परिजन गहरे सदमे मे हैं। गौरतलब है कि पिछले 20 दिनों में गांव में 11 मौतें हो चुकी हैं जिनमें से 4 मौत डेंगू से हुई हैं जबकि 7 मौत वायरल, मलेरिया, टाइफाइड जैसे विभिन्न बीमारियों से बताई गई हैं। ग्रामीण प्रशासन और सरकार के रवैये से खफा हैं।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि अब ग्रामीण ही अपने बूते पर इन बीमारियों को रोकने के लिए कोई कदम उठाएंगे जिसके चलते गांव में बैठक की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है और प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। गांव के सभी जोहड़ गंदगी से भरे हैं जिनमें मच्छर पनप रहे हैं और गांव में बीमारी फैल रही है। गांव में फैली गंदगी से जहां ग्रामीण बीमारी के चलते मर रहे है वहीं गांव की गंदगी सरकार के स्वच्छता अभियान की भी पोल खोल रही है।

गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, 11 घरों में मिले लार्वा
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली की बेगा गांव में एक और महिला की मौत हो गई है। खबर लगते ही गन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज डॉ. टीना आनंद स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों के साथ बेगा गांव में पहुंची। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों ने गांव के घरों की जांच की और पानी के सैंपल लिए, जिसमें असलम पुत्र जमील, कमल, राजकुमार, महेंद्र, पाले, ब्रजेश, रामकुमार, पृथ्वी पुत्री चंदगीराम, राजू पुत्र लक्ष्मण, रवि पुत्र रामचंद्र, रामदिया के घर डेंगू के लार्वा मिले।

खुद भी कदम उठाएं ग्रामीण
गांव के अंदर घरों की टंकियों, हौदियों, कूलरों और बर्तनों में कई दिनों तक पानी जमा रहने से मच्छरों के लारवे मिल रहे हैं। एसएमओ ने ग्रामीणों से अपील करी कि वे अपने आसपास पानी जमा नहीं रहने दें और सफाई रखें ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

निजी क्लीनिक संचालकों को दी चेतावनी
उपमंडल में खासकर बेगा गांव में डेंगू के प्रकोप से परेशान स्वास्थ्य विभाग की टीम एसएमओ डॉ. टीना आनंद के नेतृत्व में बेगा रोड स्थित क्लीनिकों पर पहुंची और मरीजों को डेंगू के प्रति सचेत किया गया। साथ ही डॉ. टीना आनंद ने क्लीनिक संचालकों को निर्देश दिए कि डेंगू के संदिग्ध मरीजों में डाक्टर किसी तरह की कोताही न बरतेें। उन्होंने डाक्टरों को सचेत किया कि वे डेंगू के संदिग्ध मरीजों को किसी तरह की एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाईयां न दें।

उन्होंने बताया कि डेंगू के संदिग्ध मरीजों को केवल पैरासिटामोल गोली देकर उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में रेफर कर दें ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सर्जन डॉ. संजय कौशिक, स्वास्थ्य निरीक्षक रमेश धनखड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

जगदीशपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत
राई/सोनीपत। क्षेत्र के गांव जगदीशपुर में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके वालों ने सुसराल पक्ष के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है।

शनिवार को मृतका का भाई पवन निवासी जौली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया उन्होंने अपनी बहन सुनीता की शादी वर्ष 2001 में जगदीशपुर निवासी बृजेश के साथ की थी। उसने शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सारा सामान दिया था, लेकिन उसके बाद सुसराल पक्ष के लोग उसे परेशान करते रहे।

इसी मामले को लेकर उसकी बेटी कई बार मायके भी आ गई। पिछले महीने उसकी बेटी को उसकी ननद  उसे सुसराल वालों के झगड़ा न करने के आश्वासन के बाद उसे सुसराल लेकर आई। शनिवार को उसके पति ने उसके बीमार होने की सूचना दी तो आकर देखा की उसकी बेटी सुनीता उन्हें मृत मिली।

उसके दो बच्चे भी है। उन्होंने सुनीता के पति बृजेश, सास सोना, ननद दिक्षा व नन्दोई के खिलाफ पुलिस में दहेज हत्या करने के आरोप में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों के हवाले कर मामला दर्ज कार्रवाई आरंभ कर दी।

शहर में डेंगू के दो संदिग्ध केस
सोनीपत। शहर की न्यू कॉलोनी में शनिवार को डेंगू के दो नए केस सामने आए हैं। बताया जाता है कि कॉलोनी निवासी एक मां-बेटा को डेंगू हो गया है। परिजनों ने दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

जहां पर उनका इलाज चल रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अभी भी इसे डेंगू के संदिग्ध मरीज मानकर चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही डेंगू कंफर्म किया जाएगा।

न्यू कॉलोनी निवासी वनिता चौहान व मुस्कान चौहान को डेंगू हो गया। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके परिजन फूलकंवार चौहान ने बताया कि दोनों को बुखार था।

डॉक्टर के पास ले गए तो उसने टेस्ट किए। टेस्ट के बाद ही पता चला कि दोनों को डेंगू है। फूलकंवार ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया कि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था उचित नहीं है। इसी कारण दोनों को डेंगू हो गया।

पबनेरा में भी फैला डेंगू, स्वास्थ्य विभाग मौन
अब जिले के गांव पबनेरा में भी डेंगू के केस मिले हैं। यहां करीब डेढ़ दर्जन लोग डेंगू से पीड़ित हैं। जिसकी शिकायत यहां के लोग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी कर चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक गांव का दौरा नहीं किया है। गांव में डोर टू डोर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीण जितेंद्र शर्मा ने बताया कि ग्रामीण अनिल, पप्पू, बीनू, देवेंद्र, कुसुम व शिवांक आदि गांव में ही बिस्तर पर है। डेंगू की पुष्टि की हुई है। साथी एक दर्जन लोग सोनीपत शहर, मुरथल व दिल्ली के अस्पतालों से दवाइयां ले रहे है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन विभाग की टीम ने अभी तक कोई दौरा तक नहीं किया है।

अभी तक नहीं हुई कोई फॉगिंग
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग मच्छरों को भगाने के लिए लगातार फॉगिंग करने की बात कहा रहा है। लेकिन पबनेरा में डेंगू के केस मिलने के बाद न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कोई दौरा किया है और न ही कोई विभाग की ओर से फॉगिंग करवाई की। डेंगू से एक महिला की भी मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें