मलेरिया विभाग की सक्रियता के बावजूद जिले में डेंगू और मलेरिया विभाग के संदिग्ध मरीजों की संख्या पर काबू नहीं पाया जा पा रहा है। गांव राठधाना में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के पांच लोगों की तेज बुखार से हालत बिगड़ गई। बाद में सभी मरीजों को आनन-फानन में आपातकालीन वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया।
भर्ती होने के तुरंत बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी के ब्लड स्लाइड बनाई जिसे बाद में जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है। फिलहाल पांचों मरीजों की स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में उपचार चल रहा है। सभी मरीजों को बुखार पर काबू पाने के लिए ठंडे पानी की लगातार पट्टी भी दी जा रही थी।
गांव राठधाना में शुक्रवार रात एक ही परिवार के पांच लोगों सचिन, राजेश, हिमांशु, नगीता व अंगुरी की तेज बुखार से हालत बिगड़ गई। सभी में तेज बुखार के साथ कंपकंपी की शिकायत आने लगी। मरीजों की हालत सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ती गई। कुछ देर बाद दो मरीजों में उल्टियों की शिकायत आने लगी।
सुबह होने तक जब सभी की तबियत पूरी तरह बिगड़ गई तो परिवार के मुखिया ने उन सभी को आननफानन में सीधे सामान्य अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती करा दिया। सभी मरीजों में तेज बुखार की शिकायत को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना देरी किए प्राथमिक उपचार में जुट गए। बाद में नर्सों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से उसे ठंडे पानी की पट्टी चढ़ाई गई। एक-एक कर सभी मरीजों के मौके पर ब्लड स्लाइड भी बनाई गई।
फिलहाल सभी मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। हालांकि एहतियात के तौर पर कुछ मरीजों को ग्लूकोज भी चढ़ाए गए। सभी मरीजों के रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि पीड़ित मरीज डेंगू से प्रभावित है या फिर मलेरिया से।
मलेरिया विभाग पूरी तरह हुआ सक्रिय
इधर मलेरिया विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गया है। टीम की ओर से लगातार निजी अस्पतालों पर भी नजर रखा जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जय किशोर ने स्वयं इस बारे में सक्रियता दिखाते हुए निजी अस्पतालों में जाकर निरीक्षण किया है। इधर मलेरिया विभाग की टीम द्वारा मच्छरों पर काबू पाने के लिए सभी प्रभावित गांवों में फोगिंग सहित कूलर व टंकियों की जांच किया जा रहा है।
निजी अस्पताल कूट रहे चांदी
जिले में भले ही डेंगू और मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई हो, लेकिन इधर इसका फायदा सबसे अधिक निजी अस्पताल संचालक उठा रहे हैं। गरीब मरीजों से डेंगू के नाम पर हजारों रुपये झटके में वसूले जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से सभी निजी अस्पतालों को डेंगू व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट देने के लिए सख्ती जरूर की है, लेकिन इसका पालन दो से चार निजी अस्पताल ही करते नजर आ रहे हैं।
इस मौसम में सामान्य बुखार आना आम बात है। ब्लड स्लाइड की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाता है कि उक्त मरीज सामान्य बुखार से पीड़ित है या फिर किसी अन्य बीमारी से। विभाग पूरी तरह सक्रिय है। वार्ड में सभी का समुचित उपचार किया जा रहा है।
-बलबीर सिंह, जिला स्वास्थ्य निरीक्षक
ये हैं डेंगू के लक्षण
-शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगना
-सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द होना
-लगातार तेज बुखार रहना
-जोड़ों में दर्द
-बेचैनी व उल्टियां होनी
- लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं होना