फोटो 06: सोनीपत की एक काॅलोनी में घर-घर सर्वे के दौरान घड़े में लार्वा जांच की करता स्वास्थ्य क
सोनीपत। जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या 485 हो चुकी है। राहत यह है कि गत तीन दिन से कोई नया डेंगू संक्रमित नहीं मिला है। डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए पानी में लार्वा मिलने पर विभाग की ओर से 3856 प्राॅपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, इसके बावजूद डेंगू पर नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। जिन इलाकों में डेंगू संक्रमित मिले हैं वहां पर कर्मियों की संख्या बढ़ाई है।
मंगलवार को सेक्टर-07 स्थित पॉली क्लीनिक में जिला मलेरिया अधिकारी ने स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक बुलाई। इसमें निष्कर्ष निकला कि शहरी क्षेत्र में कई-कई दिन पानी खुला रखने से लार्वा पनप रहा है। हौज व अन्य बर्तनों की रोजाना सफाई न होने के कारण डेंगू के मामले बढ़े हैं। इस पर जिन क्षेत्र में मामले ज्यादा मिल रहे हैं, वहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। नगर निगम क्षेत्र की कुछ कॉलोनियों में 48 घंटे में पानी की आपूर्ति होती है, ऐसे में रोजाना पानी की आपूर्ति न होने की वजह से हौज व अन्य बर्तनों में भरे पानी में मच्छर का लार्वा पनपने की आशंका रहती है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आशा सहरावत ने बताया कि बिना ढके हौज व बर्तनों की रोजाना सफाई न हाेने से लार्वा पनप रहा है। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 60 फीसदी डेंगू संक्रमित मिले हैं। जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा डेंगू संक्रमित मिले हैं, वहां पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों (एमपीएचडब्ल्यू) की संख्या बढ़ाई है। साथ ही कर्मियों को एंटी लार्वा गतिविधि तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि घर-घर एंटी लार्वा गतिविधि में लोग स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। शहर की कॉलोनियों में घर-घर सर्वे के दौरान कुछ लोग उन्हें अंदर घुसने नहीं देते। इसके चलते घर-घर एंटी लार्वा गतिविधि 100 फीसदी नहीं हो पाती।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मच्छर का डंक लोगों को लगातार बीमार कर रहा है। अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक की ओर से मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही उन्हें डेंगू की जांच कराने के लिए रक्त के नमूने देने को कहा जा रहा है। जिले में अब पर 485 डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं। भविष्य में जैसे-जैसे ठंड बढ़नी शुरू होगी तो पानी में मच्छर का लार्वा पनपना बंद हो जाएगा। इसके बाद डेंगू पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।