क्षेत्र के गांव सिसाना में सोमवार रात करीब एक दर्जन शरारती तत्वों ने कई घरों में घुसकर महिलाओं के साथ छेड़खानी, विरोध पर घरों में तोड़फोड़ भी की। परिजनों द्वारा रोके जाने पर उनके साथ पिटाई भी की गई।
जिसमें एक महिला सहित पांच व्यक्तियों को चोटें आईं। इससे गुस्साए लोगों ने मंगलवार सुबह खरखौदा-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने एसएचओ और डीएसपी की भी नहीं सुनी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले में लीपापोती करती है। पिछले करीब दो वर्षों से शरारती तत्वों के कारण ग्रामीण परेशान है लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
पुलिस ने यहां पर भारी संख्या में पुलिस बल बुला लिया। करीब चार घंटे जाम लगाए जाने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को चार आरोपियों के पकड़े जाने की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ जाते सिसाना गांव में चौबीस घंटे पीसीआर तैनात रहेगी।
नहीं सुनी अधिकारियों की
घटना से नाराज सिसाना निवासी सुबह साढे़ सात बजे सड़क पर उतर आए और खरखौदा-रोहतक मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर एसडीएम राजीव अहलावत और थाना प्रभारी सोमवीर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके करीब दो घंटे बाद डीएसपी अजीत सिंह गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इतना ही नहीं उन मकानों का मौका-मुआयना भी किया जहां बदमाशों ने घटना को अंजाम दियिा था। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से जाम खोलने के लिए कहा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद थाना प्रभारी ने कहा कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और जब तक अन्य आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाने तब तक पीसीआर यहां पर रहेगी। इस आश्वासन पर चार घंटे बाद ग्रामीण जाम खोलने को जारी हुए।
पहले भी लगाए गए हैं जाम
सिसाना गांव में शरारती तत्वों की हरकतों से तंग होने की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी कई बार शरारती तत्वों ने ग्रामीणों के घरों में घुसकर महिलाओं के साथ छेड़खानी की है। जिन पर कार्रवाई कराने की मांग को लेकर कई बार पहले भी जाम लगाए गए हैं। हालांकि इसके बावजूद पुलिस इस समस्या का हल नहीं निकाल पाई।
इनको आई चोट
पीड़ित चांद सिंह ने बताया कि रात करीब 11 बजे एक दर्जन युवक उनकी गली में घुसे आए और ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं बदमाशों ने उनके मकानों के दरवाजे तोड़ दिए और उनके साथ मार-पिटाई भी की। जिसमें राजेंद्र, प्रवीण, भगत सिंह और वेदवंती को चोटें आई हैं। चांद के भी पैरों में चोट लगी है।
बड़ी संख्या में पुलिस रही तैनात
जब ग्रामीणोें ने डीएसपी के आश्वासन पर भी जाम नहीं खोला तो किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला मुुख्यालय से पुलिस टुकड़ी को बुलाया गया। जिससे जामस्थल छावनी में तब्दील हो गया। जाम में महिलाओं की संख्या को देखते हुए महिला पुलिस को भी बुलाया गया। इस दौरान महिला थाना प्रभारी प्रमिला पर उपस्थित रहीं।
पीसीआर भी नहीं पहुंची
ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिस की पीसीआर को फोन पर शिकायत के बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंचे। जिससे ग्रामीणों में और अधिक रोष उत्पन्न हो गया।
एक खिलाफ मुकदमा दर्ज
ग्रामीणों द्वारा जाम लगाए जाने से दबाव में आई पुलिस ने गांव के ही एक युवक धर्मवीर पुत्र आजाद सहित उसके एक दर्जन साथियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।