सोनीपत के लघु सचिवालय में जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण। संवाद
सोनीपत। नगर निगम में शामिल 13 गांवों का गृहकर खत्म कराने की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे। ग्रामीणों ने जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गृहकर खत्म कराने की गुहार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांग को नहीं माना गया तो वह आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
रोहतास राणा, प्रवीण सैनी, उदय सैनी, जयभगवान राणा, चरण सिंह, राधेश्याम ने बताया कि जुलाई 2016 में नगर निगम के गठन के समय 26 गांवों को शामिल किया था। गांवों के 157 करोड़ रुपये व 3700 एकड़ पंचायती जमीन निगम में स्थानांतरित की गई थी। नगर निगम की ओर से वर्ष 2018 सभी गांवों में 18 फीसदी ब्याज के साथ गृहकर के नोटिस भेजे गए थे ग्रामीणों ने नगरनिगम विरोध समिति का गठन करके 52 दिन तक अग्रसेन चौक के पास धरना दिया था। सांसद रमेश कौशिक की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान विभिन्न शर्तों के साथ फैसला हुआ और धरना समाप्त किया था। इसके बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने वर्ष 2016-17 से लेकर वर्ष 2018-19 तक का गृहकर खत्म किया था। उसके बाद नगर निगम ने वर्ष 2016-17 से लेकर 2021-22 तक का बकाया गृहकर जमा करने का नोटिस भेजे है। जिससे ग्रामीणों में रोष है।
राजसिंह दलाल, अनिल राणा, बालकिशन कौशिक, विकास, राजकुमार राणा, रणधीर सरोहा ने बताया कि नगर निगम हाउस की पहली बैठक में ही सभी पार्षदों और मेयर ने गांवों के गृहकर को माफ करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। ऐसे में मेयर निखिल मदान ने अक्तूबर, 2023 में चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान सरकार से निगम में शामिल सभी गांवों का गृहकर पूरी तरह से माफ करने का अनुरोध किया था। इस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जल्द फैसला लेने के संकेत दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।