फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भारत रत्न देने की उठाई मांग

Mon, 08 Sep 2025 02:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो 31: सोनीपत के गांव छिछड़ाना स्थित खाप के चबूतरे पर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की याद में - फोटो : संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गोहाना (सोनीपत)। गठवाला खाप ने गांव छिछड़ाना स्थित खाप के चबूतरे पर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की याद में शोक सभा आयोजित की। इस दौरान उनके अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय सम्मान नहीं देने पर निंदा की गई। साथ ही विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों ने सरकार से सत्यपाल मलिक को भारत रत्न का सम्मान देने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गठवाला खाप के अध्यक्ष कुलदीप मलिक ने की। श्रद्धांजलि सभा में भूपेंद्र मलिक, सुरेंद्र दहिया, विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व मंत्री जगबीर मलिक, इनेलो नेता करण चौटाला, डाॅ. कपूर नरवाल, विजेंद्र, ओमप्रकाश नांदल, जीता हुडडा, वीरेंद्र हुड्डा, अधिवक्ता बलराज मलिक, नीलम बालियान, हवा सिंह आंतिल सत्यनारायण नेहरा, सत्यवान नरवाल, डोमेन जोसेफ, ज्ञान सिंह चौहान, जोगेंद्र मलिक मौजूद रहे।
विज्ञापन

वक्ताओं ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा किसान, गरीब व मजदूर वर्ग के हक के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कभी कुर्सी का लालच नहीं किया। वक्ताओं ने सरकार की ओर से अंतिम संस्कार के समय सत्यपाल मलिक को राष्ट्रीय सम्मान न देने पर निंदा की।
बरोदा हलका से विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि सत्यपाल मलिक हमारे आदर्श थे। उनका बहुत बड़ा कद था। सरकार ने उनको मृत्यु पर सम्मान नहीं दिया। पूर्व राज्यपाल के भतीजे मनीष ने कहा कि अगर सत्यपाल मलिक चाहते तो देश के उपराष्ट्रपति बन सकते थे, लेकिन उन्होंने सरकार की हां में हां नहीं रखी।
वह समाज की भलाई के लिए लड़ते रहे। सरकार ने उनके घर ईडी की रेड कराई लेकिन कुछ नहीं मिला। इनेलो नेता करण चौटाला ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने किसानों की आवाज उठाई थी, जिसके चलते सरकार ने उनको सम्मान नहीं दिया।
पूर्व मंत्री ओमपाल व पूर्व मंत्री जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि सत्यपाल मलिक गरीब, मजदूर व किसान की आवाज उठाते थे। लोगों ने उनको सरकार से भी बड़ा सम्मान दिया है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश से मलिक खाप के अध्यक्ष मित्र पाल मलिक ने कहा कि सत्यपाल मलिक के पूर्वजों के पास 7200 बीघे जमीन थी, वह खुद ही राजा थे। उन्होंने अपने हिस्से की पूरी जमीन राजनीतिक व सामाजिक कार्यों के लिए बेच डाली। जब उनकी मृत्यु हुई तो उनके पास कुछ नहीं था। वह जिस भी पद पर रहे, हर जगह ईमानदारी की मिसाल पेश की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें