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Sonipat News: सीएनजी में मलबा और कम प्रेशर से बढ़ी वाहन चालकों की परेशानी

Wed, 31 Dec 2025 02:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 34: सोनीपत में एक पंप पर गाड़ी में सीएनजी भरता कर्मचारी। संवाद
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सोनीपत। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत के बाद राहत की उम्मीद लगाए बैठे सीएनजी उपभोक्ताओं के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। गेल गैस की आपूर्ति लाइन दुरुस्त होने के बाद सीएनजी में मलबा आने, गैस का प्रेशर कम रहने और वाहनों में पूरी गैस न भर पाने की शिकायतें आ रही है।
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गत चार दिनों से सीएनजी पंपों पर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट रहा है और कई स्थानों पर ग्राहकों व सेल्समैनों के बीच नोकझोंक हो रही है। सीएनजी उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस भरवाने के बाद वाहनों में इंजन मिसफायर की समस्या आ रही है, पिकअप घट गया है और कई गाड़ियों में तकनीकी खराबी तक देखने को मिल रही है।
कुछ वाहन चालकों को बीच रास्ते में ही गाड़ी बंद होने की परेशानी झेलनी पड़ी। इसका सीधा असर निजी वाहन चालकों के साथ टैक्सी, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर पड़ रहा है, जिनकी आजीविका पूरी तरह सीएनजी पर निर्भर है।
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गैस भरने से पहले आगाह कर रहे कर्मचारी

कई सीएनजी पंपों पर अब सेल्समैन गैस भरने से पहले ही उपभोक्ताओं को आगाह कर रहे हैं कि फिलहाल गैस की गुणवत्ता और प्रेशर में समस्या चल रही है। इसके बावजूद मजबूरीवश उपभोक्ता गैस भरवा रहे हैं, क्योंकि उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।



डीलर भी संकट में

सीएनजी पंप ऑपरेटरों के प्रमुख राज सिंह दहिया ने बताया कि इस समस्या से केवल उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि पंप संचालक भी परेशान हैं। डीलरों की ओर से कंपनी के उच्च अधिकारियों को लगातार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। जिले में गेल गैस के करीब 24 सीएनजी पंप हैं और यहां प्रतिदिन सवा लाख किलोग्राम से अधिक सीएनजी की खपत होती है।



पाइपलाइन में रेत घुसने की आशंका
बताया जा रहा है कि करीब साढ़े चार माह पहले बागपत के पास यमुना नदी में गेल की मुख्य पाइपलाइन फट गई थी, जिससे सीएनजी आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी। उस समय दिल्ली से अस्थायी लाइन जोड़कर सोनीपत व आसपास के क्षेत्रों में किसी तरह गैस सप्लाई बहाल की गई थी। हाल ही में यमुना में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर उसे दोबारा चालू किया गया। उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि अब व्यवस्था सामान्य हो जाएगी, लेकिन पाइपलाइन जुड़ते ही सीएनजी में मलबा आने की शिकायत शुरू हो गई। वाहन चालकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरी में पेट्रोल या डीजल जैसे महंगे ईंधन का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।


मरम्मत की गई पाइपलाइन में ईंधन भरने के बाद नमी के कुछ अंश देखे गए हैं। जिसके लिए कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा, सर्दियों में कम तापमान के कारण यह नमी कुछ सीएनजी वितरण इकाइयों तक पहुंच रही है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से ईंधन भरते समय गैस की आपूर्ति बंद की जा रही है। दो-तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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- सैकत, जनसंपर्क अधिकारी, गेल गैस प्राइवेट लिमिटेड
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