सोनीपत। सरकार ने गोशाला को गोवंश बचाने के लिए खोला हुआ है, लेकिन गोशाला के अंदर ही गोवंश की तड़पकर मौत हो रही है। कमासपुर गोशाला में दो महीने में 150 से ज्यादा गोवंश की मौत हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है कि गोवंश को कई-कई दिन तक भूखा रखा जाता है जो निगम के सीएसआई व एसआई की रिपोर्ट में साफ हो चुका है।
गोशाला में वीरवार को भी दर्जनभर मरे हुए गोवंश को उठवाया गया। वहीं गोशाला में गोवंश की बेकद्री होने के साथ ही चारा नहीं होने के विरोध में गो सेवकों ने अपने सिर मुंडवाकर विरोध जताया और निगम अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में जुलूस निकाला। इस तरह विरोध होता देखकर जहां निगम अधिकारियों ने गोशाला में हरा चारा भिजवाया, वहीं गो सेवकों ने खुद भी गोवंश के लिए चारा भिजवाया।
नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च करके कमासपुर गांव में गोशाला बनाई हुई है। यहां गोवंश को चारा खिलाने से लेकर वहां देखरेख व सफाई के लिए कर्मचारियों को रखने का निगम ने ठेका दिया हुआ है और वहां चारा से लेकर कर्मचारियों पर लाखों रुपये हर महीने खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद वहां अव्यवस्था फैली हुई है। यह खुद सीएसआई व एसआई की जांच में खुलासा हुआ है कि वहां पिछले एक महीने से हरा चारा नहीं लाया जा रहा था तो वहां पिछले 3-4 दिन से सूखा चारा भी खत्म होने से गोवंश भूखे थे। अमर उजाला में इसका खुलासा होने के बाद नगर निगम के अफसर हरकत में आए और गोशाला में वीरवार सुबह ही चारा भिजवाया गया। उसके बाद वीरवार दोपहर को गोशाला में हरा चारा भी ठेकेदार से भिजवा दिया गया, जबकि पहले बाजार में हरा चारा खत्म होने की बात कहकर खेल किया जा रहा था। लेकिन गोशाला में अव्यवस्था के कारण पिछले दो महीने में 150 से ज्यादा गोवंश की मौत हो चुकी है और वहां से वीरवार को भी दर्जनभर मरे हुए गोवंश को उठवाया गया। इस तरह साफ है कि वहां लगातार गोवंश की तड़पकर मौत हो रही है।
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गो सेवकों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
कमासपुर गोशाला में अव्यवस्था और गोवंशों की मौत का पता चलने पर गो सेवक राम पाहुजा, अमित राठधना व सोनू मल्होत्रा ने अपना सिर मुंडवाया और गांधी के तीन बंदर बनकर बैठ गए। उसके कुछ देर बाद गो सेवक दीपू शर्मा, धीरज शर्मा, अमित सरोहा, पवन राठधना, अरुण मलिक, कपिल शर्मा, मोहित, नीरज रोहट, अनिल कुमार के साथ बस स्टैंड से सुभाष चौक तक जुलूस निकाला गया। राम पाहुजा ने कहा कि गोवंश की मौत के लिए नगर निगम के अफसर व ठेकेदार जिम्मेदार हैं और इनपर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर जल्द ही व्यवस्था ठीक नहीं होती है तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
वर्जन
गोशाला में चारा भिजवा दिया गया है और जितने गोवंश की मौत हो रही है, वह चारा की वजह से नहीं हो रही है। गोशाला में हरा चारा भी भिजवाना शुरू कर दिया है। वहां किसी तरह की अव्यवस्था नहीं रहने दी जाएगी।
- सुभाष चंद्र, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम